कक्षा 10 मनिका: अध्याय 10 'सुस्वागतं भो! अरुणाचलेऽस्मिन्' NCERT समाधान

NCERT Solutions PDF Class 10 PDF

यह पृष्ठ कक्षा 10 मनिका के लिए NCERT समाधान प्रस्तुत करता है, विशेष रूप से अध्याय 10, 'सुस्वागतं भो! अरुणाचलेऽस्मिन्' पर केंद्रित है। यह अध्याय अरुणाचल प्रदेश के परिचय पर आधारित है, जिसमें इसके नाम की उत्पत्ति, भूगोल, प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध संस्कृति को उजागर किया गया है। समाधान पाठ के हिंदी अनुवाद, अन्वय, शब्दार्थ, संधि-विच्छेद, समास और प्रत्यय जैसे भाषाई पहलुओं का विस्तृत विश्लेषण प्रदान करते हैं। इसमें एकपदेन उत्तरत, पूर्णवाक्येन उत्तरत, भाषिककार्यम् (विशेषण-विशेष्य, प्रत्यय पहचान, पर्याय, सर्वनाम प्रयोग) और प्रश्ननिर्माणम् जैसे अभ्यास शामिल हैं। ये समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने, व्याकरणिक अवधारणाओं को मजबूत करने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में मदद करते हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 10
SubjectManika
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 10

Chapter summary

कक्षा 10 मनिका के अध्याय 10 'सुस्वागतं भो! अरुणाचलेऽस्मिन्' के ये NCERT समाधान अरुणाचल प्रदेश के एक परिचयात्मक पाठ पर केंद्रित हैं। समाधान पाठ के भाषाई घटकों जैसे शब्दार्थ, संधि-विच्छेद, समास और प्रत्यय का विस्तृत विश्लेषण प्रदान करते हैं। इसमें दिए गए प्रश्नों के उत्तर, जैसे एक-शब्द और पूर्ण-वाक्य उत्तर, साथ ही भाषाई कार्य (विशेषण-विशेष्य, प्रत्यय, पर्याय, सर्वनाम) और प्रश्न निर्माण का अभ्यास भी शामिल है। यह छात्रों को पाठ की सामग्री और संबंधित व्याकरणिक अवधारणाओं को समझने में सहायता करता है।

Learning outcomes

  • अरुणाचल प्रदेश के परिचय को समझना।
  • पाठ में प्रयुक्त संस्कृत शब्दों के अर्थ और प्रयोग को जानना।
  • संधि-विच्छेद, समास और प्रत्यय जैसी व्याकरणिक अवधारणाओं को पहचानना और लागू करना।
  • दिए गए गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर देना।
  • विशेषण और विशेष्य पदों की पहचान करना।
  • दिए गए उत्तरों के आधार पर प्रश्न बनाना।

Topics covered

Paper topics

  • अरुणाचल प्रदेश का परिचय
  • संस्कृत गद्यांश का अध्ययन
  • हिंदी अनुवाद
  • अन्वय
  • शब्दार्थ (संस्कृत-हिंदी-अंग्रेजी)
  • संधि-विच्छेद
  • समास
  • प्रत्यय
  • एकपदेन उत्तरत
  • पूर्णवाक्येन उत्तरत
  • भाषिककार्यम् (विशेषण, पर्याय, सर्वनाम)
  • प्रश्ननिर्माणम्

Important topics

  • अरुणाचल प्रदेश का नामकरण और भौगोलिक परिचय
  • संधि-विच्छेद के नियम और अभ्यास
  • समास की पहचान (तत्पुरुष, कर्मधारय)
  • प्रत्यय पहचान (क्त, टाप्, ठक्, शानच्, तुमुन्, ङीप्)
  • गद्यांश आधारित प्रश्नोत्तर
  • विशेषण-विशेष्य संबंध

PDF preview

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Questions and Solutions

प्रश्न (I) एकपदेन उत्तरत-

(i) 'स्वागतम् कुर्मः' इति कुत्र लिखितम्?

Solution: 'स्वागतम् कुर्मः' यह वाक्य विद्यालय के प्रवेशद्वार पर सुन्दर अक्षरों में लिखा हुआ था। यह अरुणाचल प्रदेश में आगंतुकों के स्वागत का प्रतीक था।

(ii) के समुत्सुका: सन्ति?

Solution: छात्र (छात्राः) इस मनोहर प्रदेश के विषय में जानने के लिए बहुत उत्सुक थे। वे अरुणाचल प्रदेश की प्रकृति और संस्कृति के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते थे।

प्रश्न (II) पूर्णवाक्येन उत्तरत–

प्रधानाचार्यः केषाम् स्वागतम् करोति?

Solution: विद्यालय के प्रधानाचार्य इस सुन्दर अरुणाचल प्रदेश में आने वाले सभी छात्रों का हार्दिक स्वागत करते हैं।

प्रश्न (III) भाषिककार्यम्-

(i) 'अस्य प्रदेशस्य' अत्र विशेषणपदम् किम्?

(क) अस्य

(ख) प्रदेशस्य

(ग) प्रदेश:

(घ) इदम्

Solution: 'अस्य प्रदेशस्य' में विशेषण पद 'अस्य' है। 'अस्य' (इसका) शब्द 'प्रदेशस्य' (प्रदेश का) की ओर संकेत कर रहा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह एक विशेषण है जो किसी विशेष प्रदेश को इंगित करता है।

(ii) 'प्रधाना' पदे क: प्रत्यय:?

(क) आ

(ख) ना

(ग) टाप्

(घ) ङीप्

Solution: 'प्रधाना' पद में 'टाप्' प्रत्यय है। मूल शब्द 'प्रधान' है, जिसमें 'टाप्' प्रत्यय लगने पर 'प्रधाना' बनता है, जो स्त्रीलिंग रूप को दर्शाता है।

(iii) 'दल:' इति पदस्य पर्यायपदं गद्यांशात् एव चित्वा लिखत।

(क) सेना

(ख) चम्

(ग) सम्मेलनं

(घ) समूह:

Solution: गद्यांश से 'दलः' शब्द का पर्याय 'समूहः' है। पाठ में छात्रों के एक दल के प्रवेश का वर्णन है, जिसका अर्थ है छात्रों का एक समूह।

(iv) 'युष्मान्' इति सर्वनामपदस्य प्रयोगः केभ्यः अभवत्?

(क) शिक्षकेभ्यः

(ख) छात्रेभ्यः

(ग) अधिकारिभ्य:

(घ) अध्यापकेभ्यः

Solution: 'युष्मान्' (आप सबको) इस सर्वनाम पद का प्रयोग छात्रों के लिए हुआ था। प्रधानाचार्य छात्रों को संबोधित करते हुए उनका स्वागत कर रहे थे।

(v) 'मन: हरति इति' अस्य स्थाने किं पदं प्रयुक्तम्?

(क) मन:हर:

(ख) मनुहर:

(ग) मनोहर:

(घ) मनहर:

Solution: 'मनः हरति इति' (जो मन को हर लेता है) के स्थान पर 'मनोहरः' पद का प्रयोग किया गया है। यह पद अरुणाचल प्रदेश की सुंदरता का वर्णन करने के लिए प्रयुक्त हुआ है।

(vi) 'सुन्दरै: अक्षरै:' इति अनयो: पदयो: विशेष्यपदं किम्?

(क) सुन्दरः

(ख) सुन्दरैः

(ग) अक्षर

(घ) अक्षरैः

Solution: 'सुन्दरैः अक्षरैः' (सुन्दर अक्षरों से) में विशेष्य पद 'अक्षरैः' है। 'सुन्दरैः' (सुन्दर) विशेषण है जो 'अक्षरैः' (अक्षरों) की विशेषता बता रहा है।

प्रश्न: प्रश्निर्माणम्

(i) अद्य विद्यालये उत्सवस्य वातावरणं वर्तते।

Solution: इस वाक्य का प्रश्न होगा:

कस्मिन् दिने विद्यालये उत्सवस्य वातावरणं वर्तते?

(किस दिन विद्यालय में उत्सव का वातावरण है?) या

अद्य विद्यालये किदृशं वातावरणं वर्तते?

(आज विद्यालय में कैसा वातावरण है?)। यहाँ 'अद्य' (आज) के स्थान पर प्रश्नवाचक शब्द का प्रयोग किया गया है।

(ii) तत्र छात्राणाम् एक: दल: प्रविशति।

Solution: इस वाक्य का प्रश्न होगा:

तत्र के प्रविशन्ति?

(वहाँ कौन प्रवेश करते हैं?) या

तत्र छात्राणाम् कति दल: प्रविशति?

(वहाँ छात्रों का कितना दल प्रवेश करता है?)। यहाँ 'एकः दलः' (एक दल) के स्थान पर प्रश्नवाचक शब्द का प्रयोग किया गया है।

(iii) अरुणाचलस्य प्रधाना पुरी 'ईटा' अस्ति।

Solution: इस वाक्य का प्रश्न होगा:

अरुणाचलस्य प्रधाना पुरी का अस्ति?

(अरुणाचल की प्रधान नगरी कौन सी है?) या

'ईटा' किम् अस्ति?

('ईटा' क्या है?)। यहाँ 'ईटा' के स्थान पर प्रश्नवाचक शब्द का प्रयोग किया गया है।

(iv) सभागारे राज्यस्य पर्यटनाधिकारी छात्रान् प्रतीक्षते।

Solution: इस वाक्य का प्रश्न होगा:

सभागारे राज्यस्य पर्यटनाधिकारी कान् प्रतीक्षते?

(सभागार में राज्य के पर्यटन अधिकारी किसकी प्रतीक्षा करते हैं?)। यहाँ 'छात्रान्' (छात्रों को) के स्थान पर प्रश्नवाचक शब्द का प्रयोग किया गया है।

(v) अरुणाचल: सप्तराज्येषु विभासमान: अस्ति।

Solution: इस वाक्य का प्रश्न होगा:

अरुणाचलः केषु विभासमानः अस्ति?

(अरुणाचल किसमें/किनमें प्रकाशित/विद्यमान है?)। यहाँ 'सप्तराज्येषु' (सात राज्यों में) के स्थान पर प्रश्नवाचक शब्द का प्रयोग किया गया है।

प्रश्न: सुस्वागतं भो! अरुणाचलेऽस्मिन्

(विद्यालयस्य सभागार:। मञ्चे विद्यालयस्य प्रधानाचार्य:, प्रदेशस्य पर्यटनाधिकारी, केचित् अध्यापकाः उपविष्टाः सन्ति।)

पर्यटनाधिकारी (ध्वनिविस्तारकयन्त्रस्य समीपम् आगत्य) प्रियच्छात्राः। अभिनन्दनं भवताम् अस्मिन् प्रदेशे। प्रसीदामि यत् भवन्तः अस्य रम्यस्य प्रदेशस्य विषये ज्ञातुम् अति उत्सुकाः। एतदर्थं स्थलानां दर्शनाय प्रबन्धः अपि वर्तते परन्तु सम्प्रति प्रश्नोत्तरमाध्यमेन भवतां जिज्ञासां शमयितुम् इच्छामि। प्रथमं तु अहम् एव एकं प्रश्नं पृच्छामि। अस्य प्रदेशस्य नाम 'अरुणाचलः' कथं जातम्? अनुमीयताम्।

Solution: पर्यटन अधिकारी छात्रों को संबोधित करते हुए कहते हैं कि वे इस सुंदर प्रदेश में उनका अभिनंदन करते हैं और प्रसन्न हैं कि छात्र इसके बारे में जानने के लिए उत्सुक हैं। वे बताते हैं कि स्थलों के भ्रमण की व्यवस्था है, परंतु अभी वे प्रश्नोत्तर के माध्यम से उनकी जिज्ञासा शांत करना चाहते हैं। अधिकारी स्वयं पहला प्रश्न पूछते हैं कि इस प्रदेश का नाम 'अरुणाचलः' कैसे पड़ा, और छात्रों से इसका अनुमान लगाने को कहते हैं।

अहं चिन्तयामि यत् 'अरुणः' तु सूर्यस्य पर्यायः। अस्य प्रकाशः सर्वप्रथमम् इमं प्रदेशं हिमांशुः स्पृशति। अतः अरुणस्य प्रदेशः अरुणाचलः।

Solution: एक छात्र विचार व्यक्त करता है कि 'अरुण' सूर्य का पर्यायवाची है, और इसका प्रकाश सर्वप्रथम इस प्रदेश को स्पर्श करता है। इसलिए, यह 'अरुण का प्रदेश' होने के कारण 'अरुणाचलः' कहलाता है। यह नामकरण के पीछे एक संभावित कारण प्रस्तुत करता है।

पर्यटनाधिकारी शोभनम्। उचितम् उक्तम्। हिमाद्रितुङ्गै शृङ्गैः सुशोभिता सूर्योदयभूमिः इयम्। अतः अरुणाचलः। अस्मिन् प्रदेशे पञ्चाशद्धिकाः नद्यः प्रवहन्ति। विपुला च अत्र वनसम्पदा। वनौषधीनां तु अयं स्रोत: एव। पुष्पाणां समृद्धि: सुगन्धि: च मनोहर:। सर्वत्र हरीतिमा। शुद्धपर्यावरणेन युक्तस्य अस्य प्रदेशस्य केवलं प्रकृति: एव न विविधा मनोहरा च प्रत्युत संस्कृति: अपि।

Solution: पर्यटन अधिकारी छात्र के उत्तर की प्रशंसा करते हुए कहते हैं कि यह उचित है। वे बताते हैं कि यह प्रदेश ऊँचे हिमालयी शिखरों से सुशोभित सूर्योदय की भूमि है, इसीलिए इसका नाम अरुणाचल है। वे आगे बताते हैं कि इस प्रदेश में पचास से अधिक नदियाँ बहती हैं, यहाँ प्रचुर वन संपदा है, यह वनौषधियों का स्रोत है, फूलों की समृद्धि और सुगंध मनमोहक है, और सर्वत्र हरियाली है। शुद्ध पर्यावरण के साथ-साथ यहाँ की प्रकृति और संस्कृति भी विविध और मनोहारी है।

Common mistakes

  • संधि-विच्छेद करते समय मूल शब्दों को गलत पहचानना।
  • समास में सही तत्पुरुष या कर्मधारय भेद को पहचानने में त्रुटि।
  • प्रत्यय को गलत पहचानना या उसके मूल धातु को गलत बताना।
  • गद्यांश से संबंधित प्रश्नों के उत्तर देते समय पाठ की सामग्री को ठीक से न समझना।
  • विशेषण और विशेष्य पदों के बीच भ्रमित होना।

Revision tips

  • पाठ के हिंदी अनुवाद को ध्यान से पढ़ें ताकि मुख्य विषय वस्तु समझ में आ जाए।
  • संधि, समास और प्रत्यय से संबंधित अभ्यासों को हल करते समय प्रत्येक नियम को दोहराएं।
  • प्रश्न निर्माण अभ्यास के लिए दिए गए उत्तरों के मुख्य शब्दों को रेखांकित करें।
  • भाषिककार्यम् (व्याकरणिक कार्य) के प्रश्नों का अभ्यास करें, विशेषकर विशेषण-विशेष्य और प्रत्यय पर ध्यान दें।
  • पाठ के सार और अरुणाचल प्रदेश के बारे में मुख्य तथ्यों को संक्षेप में लिखें।

Practice MCQs

Q1. 'स्वागतम् कुर्मः' यह कहाँ लिखा हुआ था?

Q2. प्रधानाचार्य किसका स्वागत करते हैं?

Q3. अरुणाचल प्रदेश का नाम 'अरुणाचलः' कैसे पड़ा?

Q4. पाठ में 'दलः' शब्द का पर्याय क्या है?

Q5. 'अस्य प्रदेशस्य' में विशेषण पद कौन सा है?

Q6. अरुणाचल प्रदेश की प्रधान नगरी कौन सी है?

Frequently asked questions

यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?

यह NCERT समाधान कक्षा 10 की मनिका (संस्कृत) पुस्तक के लिए है।

यह समाधान किस अध्याय पर केंद्रित है?

यह समाधान विशेष रूप से मनिका पुस्तक के अध्याय 10, 'सुस्वागतं भो! अरुणाचलेऽस्मिन्' पर केंद्रित है।

समाधान में क्या-क्या शामिल है?

समाधान में पाठ का हिंदी अनुवाद, अन्वय, शब्दार्थ, संधि-विच्छेद, समास, प्रत्यय, एकपदेन और पूर्णवाक्येन उत्तर, भाषिककार्यम् (जैसे विशेषण-विशेष्य, पर्याय) और प्रश्ननिर्माणम् जैसे अभ्यास शामिल हैं।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?

हाँ, ये समाधान पाठ की गहरी समझ, व्याकरणिक अवधारणाओं को मजबूत करने और अभ्यास प्रश्नों को हल करने में मदद करके परीक्षा की तैयारी के लिए बहुत उपयोगी हैं।

अरुणाचल प्रदेश का नाम 'अरुणाचलः' क्यों पड़ा?

पाठ के अनुसार, 'अरुण' सूर्य का पर्याय है और सूर्य का प्रकाश सर्वप्रथम इस प्रदेश को स्पर्श करता है, इसलिए इसका नाम 'अरुणाचलः' पड़ा।

समाधान में व्याकरणिक अभ्यासों का क्या महत्व है?

व्याकरणिक अभ्यास (संधि, समास, प्रत्यय, विशेषण-विशेष्य) छात्रों को पाठ से संबंधित भाषा के नियमों को समझने और लागू करने में मदद करते हैं, जो परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।

Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy

NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.