कक्षा 9 हिंदी स्पर्श: पाठ 1 - धूल NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 9 के हिंदी स्पर्श पुस्तक के पाठ 1, 'धूल' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें पाठ के मौखिक और लिखित प्रश्नों के उत्तर शामिल हैं, जो धूल के महत्व, शहरी सभ्यता पर इसका व्यंग्य, और श्रद्धा, भक्ति व स्नेह की अभिव्यक्ति में इसकी भूमिका जैसे विषयों पर प्रकाश डालते हैं। समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 9
SubjectHindi Sparsh
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 1

Chapter summary

कक्षा 9 हिंदी स्पर्श के पाठ 1 'धूल' के ये NCERT समाधान छात्रों को पाठ के मुख्य संदेशों को समझने में मदद करते हैं। इसमें धूल के प्राकृतिक और सांस्कृतिक महत्व, शहरी जीवन की कृत्रिमता पर व्यंग्य, और शिशु, योद्धाओं तथा भक्तों द्वारा धूल के प्रति व्यक्त भावनाओं का विश्लेषण किया गया है। समाधान छात्रों को पाठ के गहन अर्थों को समझने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों का उत्तर देने के लिए तैयार करते हैं।

Learning outcomes

  • धूल के प्राकृतिक और सांस्कृतिक महत्व को समझना।
  • शहरी सभ्यता की कृत्रिमता और धूल से बचाव की प्रवृत्ति का विश्लेषण करना।
  • श्रद्धा, भक्ति और स्नेह की अभिव्यक्ति में धूल की भूमिका को पहचानना।
  • लेखक द्वारा नगरीय सभ्यता पर किए गए व्यंग्य को समझना।
  • पाठ के विभिन्न प्रश्नों के उत्तर विस्तार से देना सीखना।

Topics covered

Paper topics

  • धूल का महत्व
  • शिशु और धूल
  • शहरी सभ्यता की कृत्रिमता
  • धूल से बचाव
  • अखाड़े की मिट्टी
  • श्रद्धा, भक्ति और स्नेह की व्यंजना
  • नगरीय सभ्यता पर व्यंग्य
  • बालकृष्ण और गोधूलि

Important topics

  • धूल का प्राकृतिक और सांस्कृतिक महत्व
  • शहरी सभ्यता की कृत्रिमता पर लेखक का व्यंग्य
  • श्रद्धा, भक्ति और स्नेह की अभिव्यक्ति में धूल की भूमिका
  • शिशु के जीवन में धूल का स्थान

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Questions and Solutions

मौखिक प्रश्न 1

हीरे के प्रेमी उसे किस रुप में पसंद करते हैं?
Solution: हीरे के प्रेमी उसे पूरी तरह से साफ़-सुथरा, अच्छी तरह से तराशा हुआ और ऐसा देखना पसंद करते हैं जो उनकी आँखों को चकाचौंध कर दे। वे हीरे के प्राकृतिक, अपरिष्कृत रूप के बजाय उसकी पॉलिश और चमक को महत्व देते हैं।

मौखिक प्रश्न 2

लेखक ने संसार में किस प्रकार के सुख को दुर्लभ माना है?
Solution: लेखक ने संसार में उस सुख को दुर्लभ माना है जिसमें व्यक्ति अखाड़े की मिट्टी में लेटता और उससे खेलता है। यह मिट्टी साधारण नहीं होती, बल्कि इसे तेल और मट्ठे से विशेष रूप से तैयार किया जाता है और इसका इतना महत्व है कि इसे देवता पर भी चढ़ाया जाता है।

मौखिक प्रश्न 3

मिट्टी की आभा क्या है? उसकी पहचान किससे होती है?
Solution: लेखक के अनुसार, मिट्टी की आभा ही उसकी धूल है। मिट्टी की असली पहचान और उसका स्वरूप उसके धूल से ही होता है। धूल मिट्टी का एक अभिन्न अंग है।

लिखित प्रश्न (क) 1

धूल के बिना किसी शिशु की कल्पना क्यों नहीं की जा सकती? (लगभग 25-30 शब्दों में)
Solution: शिशु अपने बचपन में धूल में खेलकर ही बड़े होते हैं। वे धूल से सनकर खेलते हैं और इसी धूल के कण उनके मुख पर पड़ने से उनकी स्वाभाविक सुंदरता और भी निखर जाती है। इसलिए, धूल के बिना शिशु की कल्पना करना कठिन है।

लिखित प्रश्न (क) 2

हमारी सभ्यता धूल से क्यों बचना चाहती है? (लगभग 25-30 शब्दों में)
Solution: हमारी आधुनिक सभ्यता धूल को सुंदरता के लिए खतरा मानती है और उससे हीन भावना रखती है। लोग धूल से बचने के लिए ऊँची इमारतों में रहते हैं और कृत्रिम चीज़ों को पसंद करते हैं, जिससे वे वास्तविकता से दूर हो जाते हैं।

लिखित प्रश्न (क) 3

अखाड़े की मिट्टी की क्या विशेषता होती है? (लगभग 25-30 शब्दों में)
Solution: अखाड़े की मिट्टी साधारण मिट्टी से अलग होती है क्योंकि इसे तेल और मट्ठे के मिश्रण से सिझाया जाता है। इस विशेष मिट्टी का उपयोग देवता पर चढ़ाने और पहलवानों को बलवान बनाने के लिए किया जाता है।

लिखित प्रश्न (क) 4

श्रद्धा, भक्ति, स्नेह की व्यंजना के लिए धूल सर्वोत्तम साधन किस प्रकार है? (लगभग 25-30 शब्दों में)
Solution: धूल को माथे से लगाकर या आँखों से लगाकर लोग अपनी श्रद्धा और भक्ति व्यक्त करते हैं। चूँकि हमारा शरीर भी मिट्टी से बना है, इसलिए धूल अपने देश और प्रियजनों के प्रति श्रद्धा, भक्ति और स्नेह व्यक्त करने का एक शक्तिशाली माध्यम बनती है।

लिखित प्रश्न (क) 5

इस पाठ में लेखक ने नगरीय सभ्यता पर क्या व्यंग्य किया है? (लगभग 25-30 शब्दों में)
Solution: लेखक ने नगरीय सभ्यता पर व्यंग्य किया है कि वह सहजता के बजाय कृत्रिमता को महत्व देती है। शहरी लोग धूल से दूर भागते हैं, काँच के हीरों को पसंद करते हैं और वास्तविकता से कटना पसंद करते हैं, जो एक बनावटी जीवन शैली को दर्शाता है।

लिखित प्रश्न (ख) 1

लेखक 'बालकृष्ण' के मुँह पर छाई गोधूलि को श्रेष्ठ क्यों मानता है? (लगभग 50-60 शब्दों में)
Solution: लेखक बालकृष्ण के मुख पर छाई गोधूलि (शाम की धूल) को इसलिए श्रेष्ठ मानता है क्योंकि यह धूल उनके बाल-सुलभ सौंदर्य को और भी बढ़ा देती है। यह धूल उनके स्वाभाविक रूप को निखारती है और उनकी मासूमियत को दर्शाती है, जो कृत्रिम सुंदरता से कहीं अधिक मूल्यवान है। यह धूल उन्हें प्रकृति से जोड़ती है और उनके बचपन की सहजता का प्रतीक है।

Common mistakes

  • धूल के महत्व को केवल नकारात्मक रूप में देखना।
  • शहरी सभ्यता की कृत्रिमता को न समझ पाना।
  • श्रद्धा और भक्ति जैसी भावनाओं को व्यक्त करने में धूल की भूमिका को अनदेखा करना।

Revision tips

  • पाठ को ध्यान से पढ़ें और धूल के विभिन्न संदर्भों को समझें।
  • प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को अपने शब्दों में लिखने का अभ्यास करें।
  • लेखक के व्यंग्य को समझने पर विशेष ध्यान दें।
  • धूल के सांस्कृतिक और भावनात्मक महत्व पर विचार करें।

Practice MCQs

Q1. हीरे के प्रेमी हीरे को किस रूप में देखना पसंद करते हैं?

Q2. लेखक ने किस सुख को दुर्लभ माना है?

Q3. मिट्टी की पहचान किससे होती है?

Q4. हमारी सभ्यता धूल से क्यों बचना चाहती है?

Q5. अखाड़े की मिट्टी को किन चीज़ों से सिझाया जाता है?

Frequently asked questions

कक्षा 9 हिंदी स्पर्श के पाठ 1 का शीर्षक क्या है?

कक्षा 9 हिंदी स्पर्श के पाठ 1 का शीर्षक 'धूल' है।

इस पाठ में धूल के किन महत्वों पर प्रकाश डाला गया है?

इस पाठ में धूल के प्राकृतिक महत्व (जैसे शिशु का खेलना) और सांस्कृतिक महत्व (जैसे श्रद्धा, भक्ति, स्नेह की अभिव्यक्ति) पर प्रकाश डाला गया है।

लेखक ने नगरीय सभ्यता की किस प्रवृत्ति की आलोचना की है?

लेखक ने नगरीय सभ्यता की उस प्रवृत्ति की आलोचना की है जहाँ लोग वास्तविकता से दूर कृत्रिमता को महत्व देते हैं और धूल जैसी प्राकृतिक चीज़ों से कतराते हैं।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?

हाँ, ये समाधान पाठ के प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को समझने और परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

अखाड़े की मिट्टी की क्या विशेषता बताई गई है?

अखाड़े की मिट्टी को तेल और मट्ठे से सिझाया जाता है और इसका विशेष महत्व होता है, जो पहलवानों को विश्वविजयी बनाने में सहायक मानी जाती है।

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