कक्षा 10 संस्कृत अभ्यासवान् भव: अध्याय 3 - अनुच्छेद लेखन और अन्य विषय NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 10 के लिए संस्कृत की पुस्तक 'अभ्यासवान् भव' के अध्याय 3 के NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें विभिन्न विषयों पर अनुच्छेद लेखन का अभ्यास शामिल है, जैसे जन्तुशाला (चिड़ियाघर), स्वच्छता का महत्व, वृक्षों का संरक्षण ('वृक्षो रक्षति रक्षितः'), प्रसिद्ध धाविका हीमा दास का जीवन परिचय, सहिष्णुता का अर्थ और आवश्यकता, संस्कृत शिक्षण की वर्तमान स्थिति और इसे बढ़ावा देने के प्रयास, 'मेरा धर्म' (मानवता और भारतीयता), पुस्तकों का महत्व, और स्वाध्याय (स्वयं अध्ययन) की महत्ता। प्रत्येक विषय पर विस्तृत जानकारी और उसके महत्व को समझाया गया है। ये समाधान छात्रों को इन विषयों की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 10
SubjectAbhyasvan Bhavah
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 3

Chapter summary

अभ्यासवान् भव, कक्षा 10, अध्याय 3 के इस खंड में विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर अनुच्छेद लेखन का अभ्यास शामिल है। इसमें जन्तुशाला, स्वच्छता, वृक्षारोपण का महत्व, हीमा दास की प्रेरणादायक कहानी, सहिष्णुता की आवश्यकता, संस्कृत भाषा का प्रचार, मानवता को धर्म मानना, पुस्तकों का महत्व और स्वाध्याय की महत्ता जैसे विषयों को कवर किया गया है। ये समाधान छात्रों को इन विषयों पर अपने विचारों को संस्कृत में व्यक्त करने और परीक्षा के लिए तैयार होने में सहायता करते हैं।

Learning outcomes

  • विभिन्न विषयों पर संस्कृत में अनुच्छेद लिखने का अभ्यास करना।
  • जन्तुशाला, स्वच्छता, और वृक्षारोपण के महत्व को समझना।
  • हीमा दास की जीवनी से प्रेरणा लेना।
  • सहिष्णुता और मानवता के महत्व को पहचानना।
  • संस्कृत भाषा के प्रचार और प्रसार के तरीकों को जानना।
  • पुस्तकों और स्वाध्याय के महत्व को समझना।

Topics covered

Paper topics

  • जन्तुशाला
  • स्वच्छता
  • वृक्षो रक्षति रक्षितः
  • हीमा दास
  • सहिष्णुता
  • संस्कृतशिक्षणम्
  • मम धर्मः
  • पुस्तकम्
  • स्वाध्यायः
  • अनुच्छेद लेखन

Important topics

  • स्वच्छता का महत्व
  • वृक्षों का संरक्षण
  • सहिष्णुता की आवश्यकता
  • संस्कृत भाषा का प्रचार
  • पुस्तकों का महत्व
  • स्वाध्याय का महत्व

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Questions and Solutions

1. जन्तुशाला

जन्तुशाला का अर्थ क्या है और उसमें क्या-क्या होता है? जन्तुशाला की व्यवस्था कौन करता है और बच्चे वहाँ जाकर कैसा महसूस करते हैं?
Solution:

जन्तुशाला का अर्थ है जानवरों का घर या चिड़ियाघर। जन्तुशाला में अनेक प्रकार के पशु और पक्षी रखे जाते हैं। लोग इन पशुओं और पक्षियों को देखने के लिए दूर-दूर से आते हैं। जन्तुशाला की सभी व्यवस्थाओं का प्रबंधन सरकार या संबंधित प्रशासन द्वारा किया जाता है। बच्चे जन्तुशाला जाकर बहुत प्रसन्न और उत्साहित महसूस करते हैं, क्योंकि वे विभिन्न प्रकार के जानवरों को करीब से देख पाते हैं।

2. स्वच्छता

स्वच्छता का हमारे जीवन में क्या महत्व है? लोग अपने घरों को तो स्वच्छ रखते हैं, पर किन स्थानों की स्वच्छता के प्रति उदासीन रहते हैं? स्वच्छता अभियान किसने और कब शुरू किया और इसका क्या प्रभाव पड़ा?
Solution:

स्वच्छता हमारे जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह हमारे आसपास के वातावरण को भी बेहतर बनाती है। सामान्यतः लोग अपने घरों को साफ रखते हैं, लेकिन वे अक्सर सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता के प्रति ध्यान नहीं देते हैं। हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्मदिवस पर 'स्वच्छता अभियान' का शुभारंभ किया था। इस अभियान के परिणामस्वरूप, अब बच्चे भी स्वच्छता के प्रति जागरूक हो गए हैं और वे अपने घरों और विद्यालयों को यथासंभव स्वच्छ रखने का प्रयास करते हैं।

3. वृक्षो रक्षति रक्षितः

'वृक्षो रक्षति रक्षितः' इस कथन का क्या अर्थ है? वृक्ष हमारे लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं और मनुष्य उनके साथ कैसा व्यवहार कर रहा है? वृक्षों के महत्व को दर्शाने वाले श्लोक का अर्थ स्पष्ट करें।
Solution:

'वृक्षो रक्षति रक्षितः' का अर्थ है कि 'यदि हम वृक्षों की रक्षा करते हैं, तो वे हमारी रक्षा करते हैं।' वृक्ष हमारे जीवन का आधार हैं। वृक्षों, नदियों और पर्वतों से सुशोभित यह प्रकृति मनुष्यों के लिए अत्यंत उपयोगी है। परन्तु, स्वार्थी मनुष्य विकास की अंधी दौड़ में निर्ममता से वृक्षों को काट रहे हैं। हमें यह बात हमेशा याद रखनी चाहिए कि वृक्ष हमें फल, फूल, छाया, जड़ें, छाल, लकड़ी, गोंद, भस्म (औषधि के रूप में), और यहाँ तक कि अपने बच्चों के लिए भी उपयोगी सामग्री प्रदान करते हैं। इस प्रकार, वृक्ष हमारे जीवन के लिए अपरिहार्य हैं और उनकी रक्षा करना हमारा परम कर्तव्य है।

4. हीमादासः

हीमा दास कौन हैं और उनका जन्म कब और कहाँ हुआ था? उनकी पृष्ठभूमि क्या थी और किन कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने क्या उपलब्धि हासिल की? वे युवाओं के लिए किस प्रकार प्रेरणास्रोत हैं?
Solution:

हीमा दास असम राज्य की एक प्रसिद्ध धाविका हैं। उनका जन्म जनवरी 2000 में असम के एक अत्यंत निर्धन कृषक परिवार में हुआ था। गरीबी और सुविधाओं के अभाव के कारण उन्हें नियमित प्रशिक्षण भी नहीं मिल पाया। इसके बावजूद, उन्होंने कभी हार नहीं मानी और कड़ी मेहनत जारी रखी। उन्होंने आई.ए.ए.एफ. (IAAF) द्वारा आयोजित 20 वर्ष से कम आयु वर्ग की दौड़ प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया। हीमा दास वास्तव में सभी युवाओं के लिए एक आदर्श और प्रेरणा का स्रोत हैं, जो विपरीत परिस्थितियों में भी सफलता प्राप्त करने की प्रेरणा देती हैं।

5. सहिष्णुता

आजकल समाज में किस समस्या की वृद्धि देखी जा रही है और इसका मुख्य कारण क्या है? सहिष्णुता के अभाव में क्या परिणाम होते हैं? समाज के विघटन का एक प्रमुख कारण क्या है और इसे कैसे दूर किया जा सकता है?
Solution:

आजकल समाज में हिंसा की घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है, जो अत्यंत दुखद है। इसका मुख्य कारण लोगों में सहिष्णुता (सहनशीलता) की कमी है। वास्तव में, सहिष्णुता के अभाव में मनुष्य की दुर्गति होती है और समाज में विघटन उत्पन्न होता है। धार्मिक असहिष्णुता भी समाज के विघटन का एक प्रमुख कारण है। यदि हमारे मन में यह भावना हो कि 'हम सब एक समान हैं', तो हम स्वाभाविक रूप से सहनशील बन जाएंगे। हमें क्रोध पर नियंत्रण रखना चाहिए और किसी भी निर्णय पर पहुँचने से पहले उचित-अनुचित का विचार करना चाहिए।

6. संस्कृतशिक्षणम्

प्राचीन काल में संस्कृत भाषा की क्या स्थिति थी और वर्तमान में क्या स्थिति है? संस्कृत भाषा को जनभाषा बनाने के लिए कौन सी संस्था प्रयास कर रही है और वह क्या-क्या कार्य कर रही है?
Solution:

प्राचीन काल में संस्कृत भाषा व्यवहार की प्रमुख भाषा थी, परन्तु आज स्थिति वैसी नहीं है। अब यह माना जाता है कि संस्कृत आम बोलचाल की भाषा नहीं रह गई है। संस्कृत भाषा को फिर से जनभाषा बनाने के उद्देश्य से 'संस्कृत भारती' नामक एक संस्थान संस्कृत के प्रचार और प्रसार के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। यह संस्थान बच्चों और वयस्कों के लिए संस्कृत संभाषण और शिक्षण की रुचिकर व्यवस्थाएँ संचालित करता है। इसके अतिरिक्त, 'वदतु संस्कृतम्', 'संस्कृतव्यवहार-साहस्री', 'भाषाप्रवेशः', 'गीतसंस्कृतम्', और 'शिशुसंस्कृतम्' जैसे कई उपयोगी पुस्तकें भी इस संस्थान द्वारा प्रकाशित की गई हैं। साथ ही, ऑडियो-वीडियो कैसेट (सान्द्रमुद्रिकाः, ध्वनिमुद्रिकाः) भी उपलब्ध हैं। इस प्रकार, यह संस्थान संस्कृत भाषा सीखने और सिखाने के लिए एक अत्यंत उपयुक्त स्थान है।

7. मम धर्मः

लेखक स्वयं को क्या मानता है और उसके अनुसार उसका गुण और धर्म क्या है? धर्म की दृष्टि से वह स्वयं को क्या मानता है और भारतीय परंपरा के अनुसार धर्म का क्या अर्थ है? लेखक के अन्य कौन-कौन से धर्म (कर्तव्य) हैं और उसका अंतिम संकल्प क्या है?
Solution:

लेखक स्वयं को 'मानव' मानता है और उसके अनुसार मानवता ही उसका गुण और धर्म है। धर्म की दृष्टि से वह स्वयं को केवल 'भारतीय' मानता है। विस्तृत रूप से कहें तो, भारतीय परंपरा के अनुसार धर्म का अर्थ केवल पूजा-पाठ या कोई विशेष पंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने का व्यवहार है। इस प्रकार, लेखक के अन्य अनेक धर्म (कर्तव्य) हैं, जैसे भाईचारा, पितृत्व, शिक्षकत्व, छात्रत्व, सहयोगित्व और मित्रता। इन सभी धर्मों से युक्त होकर वह स्वयं को एक सच्चा भारतीय मानता है। उसका अंतिम संकल्प भारत की उन्नति के लिए प्रयास करना और भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाना है।

8. पुस्तकम्

पुस्तकों को मानव का सबसे अच्छा मित्र क्यों कहा गया है? पुस्तकें किस प्रकार हमारी सहायता करती हैं और हमें उनके साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए? 'सर्वस्य लोचनं शास्त्रं यस्य नास्त्यन्ध एव सः' इस कथन का क्या अर्थ है?
Solution:

पुस्तकों को मानव का सबसे अच्छा मित्र इसलिए कहा गया है क्योंकि वे कभी भी हमारा अहित नहीं करतीं। जहाँ एक कुपित मित्र कपट कर सकता है, वहीं पुस्तकें सदैव हमारे कल्याण के लिए तत्पर रहती हैं। इसलिए, हमें इस प्रकार के हितकारी मित्र को कभी नहीं त्यागना चाहिए। पुस्तकों से हमें प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हर प्रकार का ज्ञान प्राप्त होता है। जैसा कि कहा गया है - 'शास्त्र (पुस्तकें) ही सबके लिए आँख के समान हैं, जिसके पास शास्त्र नहीं, वह अंधा है।' इसलिए, हमें हमेशा स्वाध्याय में लगे रहना चाहिए और पुस्तक मेलों में जाकर विभिन्न विषयों की पुस्तकें प्राप्त करनी चाहिए।

9. स्वाध्यायः

'स्वाध्याय' किसे कहते हैं? आजकल छात्रों की मूल समस्या क्या है और इसका क्या कारण है? स्वाध्याय के अभाव में क्या होता है और इसे दूर करने के लिए क्या आवश्यक है?
Solution:

'स्वाध्याय' का अर्थ है विद्यालय में पढ़ाए गए पाठ का घर पर पुनः अध्ययन करना, उस पर विचार करना और उसका अभ्यास करना। आजकल छात्रों की सबसे बड़ी समस्या स्वाध्याय का अभाव है। छात्र विद्यालय में कई घंटे पढ़ते हैं और घर आने पर भी माता-पिता अतिरिक्त कक्षाओं का प्रबंध कर देते हैं। इससे छात्रों को लगता है कि वे दिन भर पढ़ते ही रहते हैं, इसलिए उन्हें मनोरंजन की आवश्यकता होती है। स्वाध्याय के अभाव में विषय वस्तु हृदयंगम नहीं हो पाती और केवल परीक्षा की चिंता बनी रहती है। अतः यह आवश्यक है कि पढ़े हुए विषय को प्रतिदिन स्वाध्याय के माध्यम से हृदयंगम किया जाए।

Common mistakes

  • अनुच्छेद लिखते समय व्याकरण और वाक्य संरचना में त्रुटियाँ करना।
  • विषय के मुख्य बिंदुओं को स्पष्ट रूप से व्यक्त न कर पाना।
  • संस्कृत शब्दों के सही अर्थ और प्रयोग में भ्रमित होना।
  • महत्वपूर्ण विषयों जैसे सहिष्णुता और स्वाध्याय के महत्व को कम आंकना।

Revision tips

  • प्रत्येक अनुच्छेद के मुख्य विचारों को संक्षेप में लिखें।
  • महत्वपूर्ण संस्कृत शब्दों और उनके अर्थों को याद करें।
  • हीमा दास और संस्कृत भारती जैसे उदाहरणों से प्रेरणा लें।
  • स्वयं अभ्यास के लिए दिए गए विषयों पर अनुच्छेद लिखने का प्रयास करें।
  • व्याकरण के नियमों पर ध्यान दें, विशेषकर क्रिया और संज्ञा के प्रयोग पर।

Practice MCQs

Q1. जन्तुशाला को किस नाम से जाना जाता है?

Q2. स्वच्छता अभियान का आरम्भ किसने और कब किया?

Q3. वृक्षों के बारे में क्या कहा गया है?

Q4. हीमा दास किस राज्य से संबंधित हैं?

Q5. सहिष्णुता के अभाव का क्या परिणाम होता है?

Q6. संस्कृत भाषा के प्रचार के लिए कौन सी संस्था कार्यरत है?

Q7. लेखक के अनुसार 'मेरा धर्म' क्या है?

Q8. पुस्तकों को क्या कहा गया है?

Frequently asked questions

कक्षा 10 के लिए संस्कृत की पुस्तक का नाम क्या है जिसके समाधान यहाँ दिए गए हैं?

यह समाधान 'अभ्यासवान् भव' नामक पुस्तक के अध्याय 3 के लिए हैं।

इस अध्याय में किन मुख्य विषयों पर अनुच्छेद लेखन का अभ्यास है?

इस अध्याय में जन्तुशाला, स्वच्छता, वृक्षारोपण, हीमा दास, सहिष्णुता, संस्कृत शिक्षण, मेरा धर्म, पुस्तक और स्वाध्याय जैसे विषयों पर अनुच्छेद लेखन का अभ्यास है।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?

हाँ, ये समाधान छात्रों को विभिन्न विषयों की गहरी समझ विकसित करने और संस्कृत में अनुच्छेद लिखने के कौशल को बेहतर बनाने में मदद करेंगे, जो परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

सहिष्णुता का क्या महत्व बताया गया है?

पाठ के अनुसार, सहिष्णुता के अभाव में समाज में हिंसा और विघटन बढ़ता है। 'हम सब समान हैं' की भावना से सहिष्णुता विकसित होती है।

संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने के लिए किस संस्था का उल्लेख किया गया है?

संस्कृत भाषा के प्रचार और प्रसार के लिए 'संस्कृत भारती' नामक संस्था का उल्लेख किया गया है।

लेखक के अनुसार 'मेरा धर्म' क्या है?

लेखक के अनुसार, उनका धर्म मानवता और भारतीयता है, जिसमें भाईचारा, सहयोग और अपने देश की संस्कृति का सम्मान शामिल है।

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