कक्षा 10 अभ्यासवान् भव: अध्याय 9 अव्ययानि NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 10 के छात्रों के लिए अभ्यासवान् भव पुस्तक के अध्याय 9, 'अव्ययानि' (अव्यय शब्द) पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। अव्यय वे शब्द होते हैं जो लिंग, वचन, कारक या काल के अनुसार नहीं बदलते हैं। इन समाधानों में छात्रों को वाक्यों से अव्यय शब्दों को पहचानने, रिक्त स्थानों को उचित अव्यय शब्दों से भरने और विपरीतार्थक अव्यय शब्दों को सही जोड़ी बनाने का अभ्यास कराया गया है। प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत हल प्रदान किया गया है, जिससे छात्रों को अव्यय शब्दों के प्रयोग को समझने में मदद मिलेगी। यह अभ्यास परीक्षा की तैयारी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 10
SubjectAbhyasvan Bhavah
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 9

Chapter summary

अध्याय 9 'अव्ययानि' के ये NCERT समाधान छात्रों को अव्यय शब्दों की अवधारणा को स्पष्ट करने में मदद करते हैं। समाधानों में वाक्यों से अव्यय छाँटना, दिए गए अव्ययों से रिक्त स्थान भरना और विपरीतार्थक अव्यय शब्दों का मिलान करना सिखाया गया है। यह छात्रों को अव्यय शब्दों की पहचान और उनके सही प्रयोग में निपुण बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

Learning outcomes

  • वाक्यों में अव्यय शब्दों की पहचान करना सीखें।
  • दिए गए अव्ययों का प्रयोग करके रिक्त स्थानों को भरना सीखें।
  • विपरीतार्थक अव्यय शब्दों के जोड़ों को पहचानना सीखें।
  • अव्यय शब्दों के प्रयोग के माध्यम से वाक्य संरचना को समझना।
  • संस्कृत व्याकरण में अव्यय की भूमिका को समझना।

Topics covered

Paper topics

  • अव्यय शब्दों की परिभाषा
  • वाक्यों से अव्यय शब्दों की पहचान
  • रिक्त स्थानों की पूर्ति हेतु अव्यय प्रयोग
  • विपरीतार्थक अव्यय शब्दों का मिलान
  • अव्यय शब्दों के अर्थ और प्रयोग
  • संस्कृत व्याकरण में अव्यय का महत्व

Important topics

  • अव्यय शब्दों की पहचान
  • रिक्त स्थानों में अव्यय का सही प्रयोग
  • विपरीतार्थक अव्यय शब्दों का मिलान
  • अव्यय शब्दों के अर्थ को समझना

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

अधोलिखितानि वाक्यानि पठित्वा अव्ययपदानि चित्वा लिखत-

(i) एकदा तस्य माया पितृाहिं प्रति चलिता – अव्ययपदानि

(ii) भवान् कुतः भयात् पलायित् – _____

(iii) तत्र गम्यताम्। – _____

(iv) त्वं सत्वरं चल। — _____

(v) तेन सदृशं न अस्ति। – _____

(vi) गीता सुगीता च वदतः। – _____

(vii) यदा सः पठित तदा एव शोभते। – _____

(viii) तापसौ लवकुशौ ततः प्रविशतः। – ______

(ix) अलम् अतिदाक्षिण्येन। – _____

(x) अहम् अपि श्रावयामि। – _____

Solution:

इस प्रश्न में दिए गए वाक्यों में से अव्यय शब्दों को पहचानकर लिखना है। अव्यय वे शब्द होते हैं जो लिंग, वचन, कारक आदि के अनुसार नहीं बदलते हैं।

  1. (i) 'एकदा' (एक बार) और 'प्रति' (की ओर) अव्यय हैं।
  2. (ii) 'कुतः' (कहाँ से) एक प्रश्नवाचक अव्यय है।
  3. (iii) 'तत्र' (वहाँ) एक स्थानवाचक अव्यय है।
  4. (iv) 'सत्वरं' (शीघ्रता से) एक रीतिवाचक अव्यय है।
  5. (v) 'सदृशं' (समान) यहाँ अव्यय के रूप में प्रयुक्त हुआ है।
  6. (vi) 'च' (और) एक संयोजक अव्यय है।
  7. (vii) 'यदा' (जब) और 'तदा' (तब) समयवाचक अव्यय हैं। (यहाँ 'एव' भी अव्यय है, जिसका अर्थ 'ही' है)।
  8. (viii) 'ततः' (वहाँ से) एक स्थानवाचक अव्यय है।
  9. (ix) 'अलम्' (बस/पर्याप्त) एक अव्यय है, जिसका प्रयोग निषेध या पर्याप्तता के अर्थ में होता है।
  10. (x) 'अपि' (भी) एक अव्यय है।

प्रश्न 2

उचिताव्ययपदैः रिक्तस्थानानि पूरयत-

मञ्जूषा: सर्वत्र, एव, इति, ननु, एवम्, तत्र, उच्चै:, तथापि, बहुधा, मा

(i) मम गुरुः _____ भगवान् वाल्मीकिः।

(ii) कः _____ भणति?

(iii) कपिता सा _ वदति।

(iv) त्वं _____ गच्छ।

(v) यूयं चापलं _ कुरुत।

(vi) कृषीवल: बहुवार प्रयत्नमकरोत् _____ वृषः नोत्थितः।

(vii) कृषक: बलीव _____ पीडयति।

(viii) बहूनि अपत्यानि मे सन्ति _____ सत्यम्।

(ix) सर्वेषु अपत्येषु जननी तुल्यवत्सला _____

(x) रजलोपप्लवः सञ्जातः।

Solution:

इस प्रश्न में दिए गए मञ्जूषा (शब्दकोश) से उचित अव्यय चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति करनी है।

  1. (i) मम गुरुः ननु भगवान् वाल्मीकिः। (मेरे गुरु, क्या भगवान् वाल्मीकि नहीं हैं? - यहाँ 'ननु' प्रश्न या आश्चर्य व्यक्त करने के लिए प्रयुक्त है।)
  2. (ii) कः उच्चैः भणति? (कौन जोर से बोलता है? - 'उच्चैः' का अर्थ जोर से है।)
  3. (iii) कपिता सा एवम् वदति। (कवि इस प्रकार बोलती है। - 'एवम्' का अर्थ इस प्रकार है।)
  4. (iv) त्वं तत्र गच्छ। (तुम वहाँ जाओ। - 'तत्र' स्थान का बोध कराता है।)
  5. (v) यूयं चापलं मा कुरुत। (तुम चंचलता मत करो। - 'मा' का प्रयोग निषेधार्थ में होता है।)
  6. (vi) कृषीवल: बहुवार प्रयत्नमकरोत् तथापि वृषः नोत्थितः। (किसान ने बहुत बार प्रयत्न किया, फिर भी बैल नहीं उठा। - 'तथापि' का अर्थ 'फिर भी' है।)
  7. (vii) कृषक: बलीव बहुधा पीडयति। (किसान बैल को बहुत बार पीड़ा देता है। - 'बहुधा' का अर्थ अनेक बार या बहुत बार है।)
  8. (viii) बहूनि अपत्यानि मे सन्ति इति सत्यम्। (मेरे बहुत से संतान हैं, ऐसा सत्य है। - 'इति' का प्रयोग कथन को समाप्त करने के लिए होता है।)
  9. (ix) सर्वेषु अपत्येषु जननी तुल्यवत्सला एव। (सभी संतानों में माता समान रूप से स्नेह करने वाली होती ही है। - 'एव' का अर्थ 'ही' है, जो निश्चितता बताता है।)
  10. (x) रजलोपप्लवः सञ्जातः सर्वत्र। (सर्वत्र जल-प्रलय उत्पन्न हो गया। - 'सर्वत्र' का अर्थ 'सब जगह' है।)

प्रश्न 3

विपर्ययाव्ययपदैः सह योजयत-

यत्र यथा यथैव यदा _____

_____

_____

_____

Solution:

इस प्रश्न में दिए गए अव्यय पदों का उनके विपरीतार्थक अव्यय पदों के साथ मिलान करना है।

यहाँ दिए गए अव्यय पदों के विपरीतार्थक अव्यय पद इस प्रकार हैं:

  • यत्र (जहाँ) — तत्र (वहाँ)
  • यथा (जैसे) — तथा (वैसे)
  • यथैव (जैसे ही) — तथैव (वैसे ही)
  • यदा (जब) — तदा (तब)

यह मिलान अव्यय शब्दों के विपरीत अर्थों को समझने में सहायक है।

Common mistakes

  • अव्यय और क्रिया विशेषण के बीच अंतर करने में भ्रम।
  • वाक्य के संदर्भ को समझे बिना अव्यय का गलत प्रयोग।
  • अव्यय शब्दों के अर्थ को न समझना, जिससे गलत चयन हो सकता है।
  • विपरीतार्थक अव्यय शब्दों को पहचानने में कठिनाई।

Revision tips

  • प्रत्येक अव्यय शब्द के अर्थ को अच्छी तरह समझें।
  • दिए गए वाक्यों में अव्यय शब्दों को रेखांकित करने का अभ्यास करें।
  • रिक्त स्थानों को भरने के लिए विभिन्न अव्ययों का प्रयोग करके देखें।
  • विपरीतार्थक अव्यय शब्दों की सूची बनाकर याद करें।

Practice MCQs

Q1. निम्नलिखित में से कौन सा शब्द अव्यय है?

Q2. 'तत्र' शब्द का क्या अर्थ है?

Q3. रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए उचित अव्यय चुनें: 'त्वं _____ गच्छ।'

Q4. निम्नलिखित में से कौन सा अव्यय 'यदा' का विपरीतार्थक है?

Q5. 'अलम् अतिदाक्षिण्येन' वाक्य में अव्यय शब्द कौन सा है?

Frequently asked questions

अव्यय शब्द क्या होते हैं?

अव्यय वे शब्द होते हैं जो लिंग, वचन, कारक या काल के अनुसार परिवर्तित नहीं होते हैं, अर्थात वे अविकारी होते हैं। वे हमेशा अपने मूल रूप में बने रहते हैं।

कक्षा 10 के लिए 'अव्ययानि' अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है?

यह अध्याय छात्रों को संस्कृत भाषा के मूल तत्वों में से एक, अव्यय शब्दों को समझने और प्रयोग करने में मदद करता है, जो वाक्य संरचना और अर्थ के लिए आवश्यक हैं।

इन NCERT समाधानों का उपयोग कैसे करें?

आप इन समाधानों का उपयोग प्रत्येक प्रश्न को हल करने के तरीके को समझने, अपनी गलतियों को सुधारने और अव्यय शब्दों के प्रयोग का अभ्यास करने के लिए कर सकते हैं।

क्या 'एकदा' और 'प्रति' दोनों अव्यय हैं?

हाँ, प्रश्न 1 के अनुसार, 'एकदा' (एक बार) और 'प्रति' (की ओर) दोनों अव्यय शब्द हैं।

प्रश्न 2 में दिए गए मञ्जूषा (शब्दकोश) का क्या उद्देश्य है?

मञ्जूषा में दिए गए अव्यय शब्दों का प्रयोग करके छात्रों को रिक्त स्थानों को भरना होता है, जिससे उन्हें विभिन्न अव्ययों के प्रयोग का अभ्यास मिलता है।

प्रश्न 3 में विपरीतार्थक अव्यय पदों को मिलाने का क्या महत्व है?

यह छात्रों को अव्यय शब्दों के विपरीत अर्थों को समझने में मदद करता है, जो उनके शब्द ज्ञान को बढ़ाता है और वाक्यों के अर्थ को स्पष्ट करता है।

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