Class 10 Hindi Kshitiz Chapter 17: संस्कृति NCERT Solutions

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This chapter delves into the nuanced meanings of 'civilization' (सभ्यता) and 'culture' (संस्कृति), as explored by Bhadant Anand Kausalyayan. The NCERT Solutions for Class 10 Hindi Kshitiz Chapter 17 address why a clear understanding of these terms is often elusive due to their arbitrary usage with various adjectives. The solutions also highlight the significance of discoveries like fire, discussing the motivations behind them, and define what constitutes a truly 'cultured person' (संस्कृत व्यक्ति) based on intellectual contribution rather than mere knowledge acquisition. Furthermore, the text examines the invention of needle and thread, the attempts to divide human culture through systems like caste and religion, and instances where human culture has demonstrated its unity. These solutions provide clear explanations and detailed answers to help students grasp the core concepts and prepare effectively for their exams.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 10
SubjectHindi Kshitiz
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 17

Chapter summary

NCERT Solutions for Class 10 Hindi Kshitiz Chapter 17, 'संस्कृति', focuses on understanding the concepts of civilization and culture. It explains the ambiguity in their usage, the importance of key human inventions like fire and the needle-thread, and the criteria for being a 'cultured person'. The solutions also touch upon the division and unity of human culture, offering insights into the chapter's philosophical and historical perspectives.

Learning outcomes

  • Understand the distinction and common confusion between 'civilization' and 'culture'.
  • Analyze the significance of major human inventions like fire and needle-thread.
  • Define the characteristics of a 'cultured person' based on intellectual contributions.
  • Identify instances where human culture has been divided and united.
  • Explain the motivations behind early human discoveries.

Topics covered

Paper topics

  • सभ्यता और संस्कृति का अर्थ
  • सभ्यता और संस्कृति की समझ में अस्पष्टता
  • आग की खोज का महत्व
  • आग की खोज के पीछे की प्रेरणा
  • संस्कृत व्यक्ति की परिभाषा
  • न्यूटन का उदाहरण
  • सुई-धागे का आविष्कार
  • मानव संस्कृति का विभाजन (वर्ण व्यवस्था, धर्म)
  • मानव संस्कृति की एकता के उदाहरण (कार्ल मार्क्स, सिद्धार्थ)
  • आत्म-विनाश के साधनों का आविष्कार

Important topics

  • सभ्यता और संस्कृति की अस्पष्ट समझ
  • 'संस्कृत व्यक्ति' की अवधारणा
  • आग और सुई-धागे जैसे आविष्कारों का महत्व
  • मानव संस्कृति का विभाजन और एकता

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

लेखक की दृष्टि में 'सभ्यता' और 'संस्कृति' की सही समझ अब तक क्यों नहीं बन पाई है?
Solution: लेखक के अनुसार, 'सभ्यता' और 'संस्कृति' शब्दों का प्रयोग बहुत ही मनमाने ढंग से किया जाता है। इन शब्दों के साथ अक्सर विशेषण जोड़ दिए जाते हैं, जैसे 'भौतिक-सभ्यता' या 'आध्यात्मिक-सभ्यता'। इन विशेषणों के कारण इन शब्दों का अर्थ बदल जाता है और इनकी समझ और भी अधिक गड़बड़ा जाती है। इसी मनमाने प्रयोग और विशेषणों के कारण लेखक इस विषय पर अपनी कोई स्थायी और स्पष्ट सोच नहीं बना पा रहे हैं, और न ही आम पाठक स्पष्ट समझ विकसित कर पा रहे हैं।

प्रश्न 2

आग की खोज एक बहुत बड़ी खोज क्यों मानी जाती है? इस खोज के पीछे रही प्रेरणा के मुख्य स्रोत क्या रहे होंगे?
Solution: आग की खोज को एक बहुत बड़ी खोज इसलिए माना जाता है क्योंकि उस समय मनुष्य की बुद्धि का विकास बहुत अधिक नहीं हुआ था और यह आविष्कार समय की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण था। इस खोज के पीछे मुख्य प्रेरणाएँ संभवतः निम्नलिखित रही होंगी:
  1. रौशनी की आवश्यकता: अंधेरे में देखने और सुरक्षित महसूस करने के लिए मनुष्य को रौशनी की जरूरत महसूस हुई होगी।
  2. पेट की ज्वाला (भूख): कच्चा मांस खाने में स्वादिष्ट नहीं लगता था और उसे पचाना भी मुश्किल था। आग पर पका हुआ भोजन स्वादिष्ट और सुपाच्य होता है, इसलिए भोजन को पकाने की इच्छा एक बड़ी प्रेरणा रही होगी।
इन दोनों मूलभूत आवश्यकताओं ने मिलकर आग की खोज को प्रेरित किया होगा।

प्रश्न 3

वास्तविक अर्थों में 'संस्कृत व्यक्ति' किसे कहा जा सकता है?
Solution: वास्तविक अर्थों में 'संस्कृत व्यक्ति' उसे कहा जा सकता है जिसमें अपनी बुद्धि और योग्यता के बल पर कुछ नया आविष्कार करने या कुछ मौलिक योगदान देने की क्षमता हो। जिस व्यक्ति में ऐसी बुद्धि और योग्यता जितनी अधिक मात्रा में होगी, वह व्यक्ति उतना ही अधिक संस्कृत माना जाएगा। उदाहरण के लिए, न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत का आविष्कार किया, इसलिए उन्हें एक संस्कृत मानव कहा गया। यह ज्ञान प्राप्त करने से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है कि ज्ञान का सृजन किया जाए।

प्रश्न 4

न्यूटन को संस्कृत मानव कहने के पीछे कौन से तर्क दिए गए हैं? न्यूटन द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतों एवं ज्ञान की कई दूसरी बारीकियों को जानने वाले लोग भी न्यूटन की तरह संस्कृत नहीं कहला सकते, क्यों?
Solution: न्यूटन को संस्कृत मानव कहने के पीछे यह तर्क दिया गया है कि उन्होंने अपनी असाधारण बुद्धि-शक्ति का प्रयोग करके गुरुत्वाकर्षण जैसे रहस्य की खोज की। उन्होंने प्रकृति के नियमों को समझा और एक मौलिक सिद्धांत प्रतिपादित किया।

इसके विपरीत, न्यूटन द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतों और ज्ञान की कई दूसरी बारीकियों को जानने वाले लोग न्यूटन की तरह संस्कृत इसलिए नहीं कहला सकते क्योंकि वे केवल न्यूटन द्वारा दी गई जानकारी को ग्रहण कर रहे हैं और उसे बढ़ा रहे हैं। उनमें स्वयं मौलिक रूप से कुछ नया आविष्कार करने की वह बुद्धि-शक्ति नहीं है जो न्यूटन के पास थी। वे ज्ञान के उपभोक्ता अधिक हैं, सृष्टा कम। इसलिए, वे न्यूटन से अधिक 'सभ्य' (क्योंकि उनके पास अधिक जानकारी है) हो सकते हैं, परन्तु 'संस्कृत' नहीं।

प्रश्न 5

किन महत्वपूर्ण आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सुई-धागे का आविष्कार हुआ होगा?
Solution: सुई-धागे का आविष्कार मुख्य रूप से निम्नलिखित महत्वपूर्ण आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए हुआ होगा:
  1. शरीर को ढकना: मनुष्य को अपने शरीर को ढकने की आवश्यकता महसूस हुई होगी ताकि वह मौसम की मार से बच सके।
  2. ठंड से बचाव: विशेष रूप से सर्दियों में ठंड से बचने के लिए कपड़ों की जरूरत पड़ी होगी, जिन्हें सिलने के लिए सुई-धागे का आविष्कार आवश्यक था।
  3. सजावट की आवश्यकता: आवश्यकतानुसार शरीर को सजाने या बेहतर दिखने के लिए भी कपड़ों को आकार देने और जोड़ने की जरूरत महसूस हुई होगी।
इस प्रकार, कपड़ों के दो टुकड़ों को एक साथ जोड़ने की आवश्यकता ने सुई-धागे के आविष्कार को जन्म दिया।

प्रश्न 6

मानव संस्कृति एक अविभाज्य वस्तु है। किन्हीं दो प्रसंगों का उल्लेख कीजिए जब – (क) मानव संस्कृति को विभाजित करने की चेष्टाएँ की गई। (ख) जब मानव संस्कृति ने अपने एक होने का प्रमाण दिया।
Solution:

(क) मानव संस्कृति को विभाजित करने की चेष्टाएँ:

  1. वर्ण व्यवस्था के नाम पर: प्राचीन काल से ही समाज को विभिन्न वर्णों में विभाजित करने का प्रयास किया गया है, जिससे मानव संस्कृति को बांटने की चेष्टा हुई।
  2. धर्म के नाम पर: धर्म के आधार पर भी मानव संस्कृति को विभाजित करने की चेष्टाएँ की गई हैं। इसका एक बड़ा उदाहरण भारत और पाकिस्तान का विभाजन है, जो धार्मिक आधार पर हुआ था।

(ख) जब मानव संस्कृति ने अपने एक होने का प्रमाण दिया:

  1. कार्ल मार्क्स का उदाहरण: कार्ल मार्क्स ने अपना सारा जीवन संसार के मजदूरों को सुखी देखने और उनके कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। यह मानव कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और संस्कृति की एकता का प्रमाण है।
  2. सिद्धार्थ (गौतम बुद्ध) का उदाहरण: सिद्धार्थ ने केवल मानव कल्याण के लिए अपना घर त्याग दिया और सत्य की खोज में निकल पड़े। उनका यह कार्य भी मानव संस्कृति की एकता और सार्वभौमिकता को दर्शाता है।

प्रश्न 7

आशय स्पष्ट कीजिए – (क) मानव की जो योग्यता उससे आत्म-विनाश के साधनों का आविष्कार कराती है, हम उसे उसकी संस्कृति कहें या असंस्कृति?
Solution: इस कथन का आशय यह है कि मानव की वह योग्यता जो उसे विनाशकारी हथियारों या साधनों का आविष्कार करने के लिए प्रेरित करती है, जैसे परमाणु बम या अन्य घातक हथियार, वह वास्तव में उसकी संस्कृति का परिचायक है या असंस्कृति का, यह एक विचारणीय प्रश्न है। यदि संस्कृति का अर्थ मानव के कल्याण और विकास से जुड़ा है, तो आत्म-विनाश के साधनों का आविष्कार निश्चित रूप से असंस्कृति का प्रतीक माना जाना चाहिए। यह मानव की बुद्धि का एक ऐसा दुरुपयोग है जो उसके अस्तित्व के लिए ही खतरा पैदा करता है। इसलिए, ऐसी योग्यता को संस्कृति कहना तर्कसंगत नहीं लगता, बल्कि यह मानव की नकारात्मक प्रवृत्ति या असंस्कृति को दर्शाता है।

Common mistakes

  • Confusing 'cultured' (संस्कृत) with 'civilized' (सभ्य).
  • Not differentiating between possessing knowledge and having the intellectual capacity to discover.
  • Overlooking the fundamental needs that drive inventions.

Revision tips

  • Focus on the author's perspective regarding the definitions of 'civilization' and 'culture'.
  • Note the examples used to illustrate a 'cultured person' and why others with more knowledge are not considered as such.
  • Understand the underlying reasons for inventions like fire and needle-thread.
  • Reflect on the examples of cultural division and unity provided in the text.

Practice MCQs

Q1. लेखक की दृष्टि में 'सभ्यता' और 'संस्कृति' शब्दों की समझ क्यों स्पष्ट नहीं हो पाती है?

Q2. आग की खोज के पीछे लेखक द्वारा संभावित मुख्य प्रेरणाएँ क्या बताई गई हैं?

Q3. वास्तविक अर्थों में 'संस्कृत व्यक्ति' किसे कहा जा सकता है?

Q4. सुई-धागे के आविष्कार का मुख्य उद्देश्य क्या रहा होगा?

Q5. वर्ण व्यवस्था के आधार पर मानव संस्कृति को विभाजित करने की चेष्टा किस आधार पर की जाती है?

Frequently asked questions

कक्षा 10 के हिंदी क्षितिज के अध्याय 17 में 'सभ्यता' और 'संस्कृति' के बारे में क्या बताया गया है?

इस अध्याय में बताया गया है कि 'सभ्यता' और 'संस्कृति' शब्दों का प्रयोग अक्सर मनमाने ढंग से होता है, जिससे उनकी सही समझ विकसित नहीं हो पाती है। लेखक इन शब्दों के साथ लगने वाले विशेषणों के कारण उत्पन्न भ्रम पर प्रकाश डालते हैं।

आग की खोज को इतना महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है?

आग की खोज को महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यह मनुष्य के शुरुआती दौर में हुई थी जब उसकी बुद्धि का विकास कम था। इसने रौशनी, गर्मी और भोजन पकाने की सुविधा प्रदान की, जो मानव जीवन के लिए क्रांतिकारी परिवर्तन थे।

एक 'संस्कृत व्यक्ति' होने का क्या अर्थ है?

लेखक के अनुसार, एक 'संस्कृत व्यक्ति' वह है जिसने अपनी बुद्धि और योग्यता से कुछ नया आविष्कार किया हो, न कि वह जिसने केवल दूसरों द्वारा खोजे गए ज्ञान को प्राप्त किया हो। न्यूटन को इसका उदाहरण दिया गया है।

क्या मानव संस्कृति को विभाजित किया जा सकता है?

हाँ, अध्याय के अनुसार, मानव संस्कृति को वर्ण व्यवस्था और धर्म जैसे आधारों पर विभाजित करने की चेष्टाएँ की गई हैं, जिसके उदाहरण भारत-पाकिस्तान का विभाजन भी है।

मानव संस्कृति की एकता के क्या उदाहरण दिए गए हैं?

मानव संस्कृति की एकता के उदाहरण के रूप में कार्ल मार्क्स का उल्लेख है जिन्होंने मजदूरों के सुख के लिए जीवन बिताया, और सिद्धार्थ (बुद्ध) का जिन्होंने मानव कल्याण के लिए घर त्याग दिया।

ये NCERT समाधान कक्षा 10 के छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेंगे?

ये समाधान अध्याय के महत्वपूर्ण प्रश्नों के विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को बेहतर ढंग से समझने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों का उत्तर देने में मदद मिलती है।

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