कक्षा 10 अभ्यासवर्णन: संधि NCERT समाधान

NCERT Solutions PDF Class 10 PDF

यह पृष्ठ कक्षा 10 के छात्रों के लिए 'अभ्यासवर्णन' पुस्तक के अध्याय 6, 'संधि' पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें संधि के मूल सिद्धांतों, विशेष रूप से स्वर संधि के चार मुख्य भेदों - दीर्घ संधि, गुण संधि, यण संधि और वृद्धि संधि - की विस्तृत व्याख्या शामिल है। समाधानों में दिए गए उदाहरणों को स्पष्ट रूप से समझाया गया है, जिससे छात्रों को शब्दों को सही ढंग से जोड़ने और उनके संधि भेदों को पहचानने में मदद मिलती है। यह सामग्री छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए संधि के नियमों को समझने और लागू करने में सहायता करती है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 10
SubjectAbhyasvan Bhavah
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 6

Chapter summary

कक्षा 10 के लिए 'अभ्यासवर्णन' पुस्तक के अध्याय 6 के ये NCERT समाधान संधि के विषय पर केंद्रित हैं। यह अध्याय स्वर संधि के विभिन्न प्रकारों, जैसे दीर्घ, गुण, यण और वृद्धि संधि, के उदाहरणों और उनके अनुप्रयोगों को स्पष्ट करता है। समाधानों में दिए गए अभ्यास प्रश्नों को हल करके छात्र संधि के नियमों को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं और शब्दों के सही संयोजन का अभ्यास कर सकते हैं।

Learning outcomes

  • संधि के मूल सिद्धांतों को समझना।
  • दीर्घ, गुण, यण और वृद्धि संधि के उदाहरणों को पहचानना।
  • दिए गए शब्दों को जोड़कर सही संधि रूप बनाना।
  • संधि के नियमों को व्यावहारिक रूप से लागू करना।
  • शब्दों के संधि विच्छेद को समझना।

Topics covered

Paper topics

  • संधि का परिचय
  • स्वर संधि
  • दीर्घ संधि
  • गुण संधि
  • यण संधि
  • वृद्धि संधि
  • संधि के उदाहरण
  • संधि विच्छेद
  • शब्दों का संयोजन
  • अभ्यासवर्णन पुस्तक
  • कक्षा 10 हिंदी व्याकरण
  • NCERT समाधान

Important topics

  • दीर्घ संधि के नियम और उदाहरण
  • गुण संधि के नियम और उदाहरण
  • यण संधि के नियम और उदाहरण
  • वृद्धि संधि के नियम और उदाहरण
  • दिए गए शब्दों का संधि विच्छेद
  • संधि के नियमों का अनुप्रयोग

PDF preview

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Questions and Solutions

अभ्यास 1: दीर्घ, गुण, यण, वृद्धि संधियों के उदाहरणों को पहचानना और लिखना।

अधोलिखितात् अनुच्छेदात् दीर्घ-गुण-यण् वृद्धि-सन्धिनाम् उदाहरणानि चित्वा लिखत-

जानामि + अहम् (i) _____ यत् जलोपप्लवेन (ii) _____ + ____पीडितः रमा-ईश: (iii) ____ वृक्षारूढः (iv) _____ + ____ अभवत्। लीलया+एव (v) ____ सर्वमसहत। तदा सः साधु+उपदेशम् (vi) _____ स्मृतवान् यत् कदापि धैर्य न त्याज्यम्। स्थितेः सामान्ये जाते सः महा + औत्सुक्येन (vii) ....... गृहं गतवान् अचिन्तयत् च सर्वं खल्विदम् (viii) _____ + ______ब्रह्म। तदा मोहनः सोहनः च द्वौ + अपि (ix) _____ रमेशस्य गृहमागच्छतः। सर्वेऽपि (x) _____ + ____ एकत्रीभूय भोजनं पचन्ति।

Solution:

दिए गए अनुच्छेद से दीर्घ, गुण, यण और वृद्धि संधियों के उदाहरणों को पहचानकर लिखना है। यहाँ प्रत्येक उदाहरण का हल विस्तार से दिया गया है:

  1. जानामि + अहम्: यहाँ 'मि' (इ) और 'अहम्' (अ) मिलकर 'य' बनाते हैं। यह यण संधि का उदाहरण है। संयुक्त शब्द है: जानाम्यहम्
  2. जलोपप्लवेन: यह शब्द 'जल' (अ) और 'उपप्लवेन' (उ) के मेल से बना है, जो गुण संधि का उदाहरण है। यहाँ 'अ' और 'उ' मिलकर 'ओ' बनाते हैं। (अनुच्छेद में यह शब्द पहले से ही संयुक्त रूप में दिया गया है, इसलिए इसका विच्छेद यहाँ नहीं पूछा गया है, बल्कि यह एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत है)।
  3. रमा-ईश: यहाँ 'रमा' (आ) और 'ईश:' (ई) मिलकर 'ए' बनाते हैं। यह गुण संधि का उदाहरण है। संयुक्त शब्द है: रमेशः
  4. वृक्षारूढः: यह शब्द 'वृक्ष' (अ) और 'आरूढः' (आ) के मेल से बना है। यहाँ 'अ' और 'आ' मिलकर 'आ' बनाते हैं। यह दीर्घ संधि का उदाहरण है। संयुक्त शब्द है: वृक्षारूढः
  5. लीलयेव: यह शब्द 'लीलया' (आ) और 'एव' (ए) के मेल से बना है। यहाँ 'आ' और 'ए' मिलकर 'ऐ' बनाते हैं। यह वृद्धि संधि का उदाहरण है। संयुक्त शब्द है: लीलयेव
  6. साधु+उपदेशम्: यहाँ 'साधु' (उ) और 'उपदेशम्' (उ) मिलकर 'ऊ' बनाते हैं। यह दीर्घ संधि का उदाहरण है। संयुक्त शब्द है: साधूपदेशम्
  7. महा + औत्सुक्येन: यहाँ 'महा' (आ) और 'औत्सुक्येन' (औ) मिलकर 'औ' बनाते हैं। यह वृद्धि संधि का उदाहरण है। संयुक्त शब्द है: महौत्सुक्येन
  8. खलु + इदम्: यहाँ 'खलु' (उ) और 'इदम्' (इ) मिलकर 'यु' बनाते हैं। यह यण संधि का उदाहरण है। संयुक्त शब्द है: खलविदम्
  9. द्वौ + अपि: यहाँ 'द्वौ' (औ) और 'अपि' (अ) मिलकर 'औ' बनाते हैं। यह वृद्धि संधि का उदाहरण है। संयुक्त शब्द है: द्वावपि
  10. सर्वे + अपि: यहाँ 'सर्वे' (ए) और 'अपि' (अ) मिलकर 'ए' बनाते हैं। यह गुण संधि का उदाहरण है। संयुक्त शब्द है: सर्वेऽपि

अभ्यास 2: विभिन्न संधियों के उदाहरणों को पूरा करना।

शिक्षकः – अस्तु, अवबोधयामि एकैकं कृत्वा। यथा – द्वौ + अपि – द्वाविप गृहमागच्छतः। एवमेव

(i) द्वौ + एते – ____ पठतः।

(ii) तौ + अत्र – _____ लिखतः।

(iii) पो + अनम् – पवनम् मन्दं मन्दं वहति।

(iv) पौ + अक: – ____ सर्व दहति।

(v) भावुकः – _____ + ____ न भवितव्य।

(vi) ने + अनम् – नयनम् उद्घाट्य एव मार्गे चलत।

(vii) शे + अनम् — _____ रात्रौ एव करणीयम्।

(viii) ____ + ___ चयनम् कृत्वा एव खाद्याखाद्यं खादनीयम्।

(ix) गै + अकः – गायक: मधुरं गायति।

(x) नै + अक: – ____ सुन्दरं नृत्यति।

(xi) शायिकाः – ____ + ___ रेलयानेषु भवन्ति।

Solution:

यहाँ दिए गए अभ्यास प्रश्नों को विभिन्न संधि नियमों के अनुसार पूरा किया गया है:

(i) द्वौ + एते: यह वृद्धि संधि का उदाहरण है, जहाँ 'औ' और 'ए' मिलकर 'ऐ' बनाते हैं। संयुक्त शब्द है: द्वावेते

(ii) तौ + अत्र: यह वृद्धि संधि का उदाहरण है, जहाँ 'औ' और 'अ' मिलकर 'औ' बनाते हैं। संयुक्त शब्द है: तापत्र

(iii) पो + अनम्: यह अयादि संधि का उदाहरण है, जहाँ 'ओ' और 'अ' मिलकर 'व' बनाते हैं। संयुक्त शब्द है: पवनम्

(iv) पौ + अक:: यह अयादि संधि का उदाहरण है, जहाँ 'औ' और 'अ' मिलकर 'व' बनाते हैं। संयुक्त शब्द है: पावकः

(v) भावुकः: यह शब्द 'भु' (उ) और 'उकः' (उ) से मिलकर बना है। यह दीर्घ संधि का उदाहरण है। इसका विच्छेद है: भु + उकः

(vi) ने + अनम्: यह अयादि संधि का उदाहरण है, जहाँ 'ए' और 'अ' मिलकर 'य' बनाते हैं। संयुक्त शब्द है: नयनम्

(vii) शे + अनम्: यह अयादि संधि का उदाहरण है, जहाँ 'ए' और 'अ' मिलकर 'य' बनाते हैं। संयुक्त शब्द है: शयनम्

(viii) चे + अयनम्: यह अयादि संधि का उदाहरण है, जहाँ 'ए' और 'अ' मिलकर 'य' बनाते हैं। संयुक्त शब्द है: चयनम्

(ix) गै + अकः: यह अयादि संधि का उदाहरण है, जहाँ 'ऐ' और 'अ' मिलकर 'य' बनाते हैं। संयुक्त शब्द है: गायकः

(x) नै + अक:: यह अयादि संधि का उदाहरण है, जहाँ 'ऐ' और 'अ' मिलकर 'य' बनाते हैं। संयुक्त शब्द है: नायकः

(xi) शायिकाः: यह शब्द 'शि' (इ) और 'इकाः' (ई) से मिलकर बना है। यह दीर्घ संधि का उदाहरण है। इसका विच्छेद है: शि + इकाः

Common mistakes

  • संधि के नियमों को गलत लागू करना।
  • शब्दों को जोड़ते समय स्वरों की मात्राओं में त्रुटि करना।
  • संधि विच्छेद करते समय मूल शब्दों को सही ढंग से अलग न कर पाना।
  • विभिन्न प्रकार की संधियों के बीच अंतर करने में भ्रमित होना।

Revision tips

  • प्रत्येक संधि प्रकार के नियमों को अलग-अलग याद करें।
  • दिए गए सभी उदाहरणों को स्वयं हल करने का प्रयास करें।
  • संधि विच्छेद और संधि करने का अभ्यास करें।
  • कठिन लगने वाले उदाहरणों पर विशेष ध्यान दें।

Practice MCQs

Q1. नीरज और आदित्य के नाम को जोड़ने पर कौन सी संधि बनती है?

Q2. 'रमेशः' शब्द में कौन सी संधि है?

Q3. 'वृक्षारूढः' शब्द का संधि विच्छेद क्या है?

Q4. 'महौत्सुक्येन' शब्द में कौन सी संधि है?

Q5. 'जानाम्यहम्' शब्द किस संधि का उदाहरण है?

Frequently asked questions

कक्षा 10 के लिए 'अभ्यासवर्णन' पुस्तक में संधि का कौन सा अध्याय महत्वपूर्ण है?

कक्षा 10 के लिए 'अभ्यासवर्णन' पुस्तक में अध्याय 6 'संधि' स्वर संधि के विभिन्न भेदों को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।

संधि के मुख्य प्रकार कौन से हैं जो इस अध्याय में शामिल हैं?

इस अध्याय में स्वर संधि के चार मुख्य प्रकार शामिल हैं: दीर्घ संधि, गुण संधि, यण संधि और वृद्धि संधि।

क्या ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?

हाँ, ये समाधान संधि के नियमों को स्पष्ट करते हैं और अभ्यास प्रश्न प्रदान करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए अत्यंत सहायक हैं।

संधि विच्छेद का क्या अर्थ है?

संधि विच्छेद का अर्थ है एक संधि युक्त शब्द को उसके मूल दो या दो से अधिक शब्दों में अलग करना, जिनसे वह मिलकर बना है।

दीर्घ संधि और गुण संधि में क्या अंतर है?

दीर्घ संधि में समान स्वरों (जैसे अ+अ, इ+इ) के मिलने से दीर्घ स्वर बनता है, जबकि गुण संधि में भिन्न स्वरों (जैसे अ+इ, अ+उ) के मिलने से क्रमशः ए, ओ, अर् बनता है।

Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy

NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.