कक्षा 11 राजनीति विज्ञान: संविधान क्यों और कैसे - NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 11 राजनीति विज्ञान के लिए NCERT समाधान प्रस्तुत करता है, विशेष रूप से अध्याय 1 'संविधान क्यों और कैसे' पर केंद्रित है। इसमें संविधान के मौलिक कार्यों, जैसे नागरिकों के अधिकारों की गारंटी देना, शासन की शक्तियों को परिभाषित करना और साझा मूल्यों को व्यक्त करना, पर प्रकाश डाला गया है। समाधान यह भी स्पष्ट करते हैं कि संविधान संसद की शक्तियों को कैसे रेखांकित करता है और यह सुनिश्चित करता है कि सरकार की संरचना और कार्यप्रणाली के लिए नियम निर्धारित हों। यह अध्याय भारतीय संविधान के निर्माण की प्रक्रिया, संविधान सभा की प्रतिनिधित्वता और विभिन्न देशों से प्रेरणा लेने के बावजूद इसकी मौलिकता पर भी चर्चा करता है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण अवधारणाओं को समझने और याद रखने में मदद करेंगे।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | राजनीति विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 1. संविधान-क्यो और कैसे |
Chapter summary
अध्याय 1 'संविधान क्यों और कैसे' के ये NCERT समाधान छात्रों को संविधान के मूल उद्देश्यों और कार्यों को समझने में मदद करते हैं। इसमें संविधान के महत्व, जैसे अधिकारों की सुरक्षा, शक्तियों का विभाजन, और राष्ट्रीय पहचान का निर्माण, पर जोर दिया गया है। समाधान भारतीय संविधान के निर्माण की प्रक्रिया, संविधान सभा की भूमिका और विभिन्न स्रोतों से प्रेरणा लेने के बावजूद इसकी विशिष्टता पर भी प्रकाश डालते हैं। यह छात्रों को परीक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण अवधारणाओं को स्पष्ट करने में सहायक है।
Learning outcomes
- संविधान के प्रमुख कार्यों को पहचानना।
- संसद और संविधान के बीच संबंध को समझना।
- संविधान की आवश्यकता और महत्व का विश्लेषण करना।
- भारतीय संविधान के निर्माण की प्रक्रिया का मूल्यांकन करना।
- संविधान की मौलिकता और विभिन्न स्रोतों से प्रेरणा को समझना।
Topics covered
Paper topics
- संविधान का अर्थ
- संविधान के कार्य
- अधिकारों की गारंटी
- शक्तियों का पृथक्करण
- साझा मूल्य
- संसद की शक्तियाँ
- संविधान की प्रमाणिकता
- संविधान सभा
- सीमित मताधिकार
- संविधान का निर्माण
- संविधान की मौलिकता
- विभिन्न देशों से प्रेरणा
Important topics
- संविधान के प्रमुख कार्य
- संविधान और संसद के बीच संबंध
- संविधान सभा की भूमिका
- भारतीय संविधान की मौलिकता
- संविधान की आवश्यकता
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
- (क) यह नागरिकों को अधिकार की गारंटी देता है।
- (ख) यह शासन की विभिन्न शाखाओं की शक्तियों को अलग-अलग क्षेत्र का रेखांकन करता है।
- (ग) यह सुनिश्चित करता है कि सत्ता में अच्छे लोग आयें।
- (घ) यह कुछ साझे मूल्यों की अभिव्यक्ति करता है।
प्रश्न 2
- (क) संसद को अस्तित्व में आने से कहीं पहले संविधान बनाया जा चुका था।
- (ख) संविधान के निर्माता संसद के सदस्यों से कहीं ज्यादा बड़े नेता थे।
- (ग) संविधान ही यह बताता है कि संसद कैसे बनायी जाए और इसे कौन-कौन-सी शक्तियाँ प्राप्त होंगी।
- (घ) संसद, संविधान का संशोधन नहीं कर सकती।
प्रश्न 3
- (क) सरकार के गठन और उसकी शक्तियों के बारे में संविधान एक लिखित दस्तावेज है।
- (ख) संविधान सिर्फ लोकतांत्रिक देशों में होता है और उसकी जरूरत ऐसे ही देशों में होती है।
- (ग) संविधान एक क़ानूनी दस्तावेज है और आदर्शों तथा मूल्यों से इसका कोई सरोकार नहीं।
- (घ) संविधान एक नागरिक को नई पहचान देता है।
- (क) सही। सरकार के गठन, उसकी संरचना और शक्तियों के निर्धारण के लिए संविधान एक लिखित दस्तावेज के रूप में कार्य करता है।
- (ख) गलत। संविधान केवल लोकतांत्रिक देशों में ही नहीं होता, बल्कि यह किसी भी देश की शासन व्यवस्था का आधार हो सकता है। हालाँकि, लोकतांत्रिक देशों में यह नागरिकों के अधिकारों और स्वतंत्रता की गारंटी देता है।
- (ग) गलत। संविधान एक कानूनी दस्तावेज होने के साथ-साथ यह देश के मौलिक आदर्शों, मूल्यों और आकांक्षाओं को भी दर्शाता है।
- (घ) सही। संविधान अपने नागरिकों को एक सामूहिक पहचान प्रदान करता है, जो उन्हें देश के अन्य नागरिकों से जोड़ती है और राष्ट्रीय पहचान का हिस्सा बनती है।
प्रश्न 4
- (क) संविधान-सभा में भारतीय जनता की नुमाइंदगी नहीं हुई। इसका निर्वाचन सभी नागरिकों द्वारा नहीं हुआ था।
- (ख) संविधान बनाने की प्रक्रिया में कोई बड़ा फैसला नहीं लिया गया क्योंकि उस समय नेताओं के बीच संविधान की बुनियादी रूपरेखा के बारे में आम सहमति थी।
- (ग) संविधान में कोई मौलिकता नहीं है क्योंकि इसका अधिकांश हिस्सा दूसरे देशों से लिया गया है।
- (क) यह अनुमान गलत है। यद्यपि संविधान सभा का निर्वाचन सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के आधार पर नहीं हुआ था, बल्कि यह सीमित मताधिकार पर आधारित था, फिर भी इसे यथासंभव प्रतिनिधिक बनाने का प्रयास किया गया था। इसमें विभिन्न समुदायों और वर्गों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया था।
- (ख) यह अनुमान गलत है। संविधान सभा में अनेक महत्वपूर्ण फैसले लिए गए और बुनियादी रूपरेखा पर सदस्यों के बीच अक्सर मतभेद भी थे। इन मतभेदों पर गहन विचार-विमर्श और वाद-विवाद के उपरांत आम सहमति बनाकर निर्णय लिए गए।
- (ग) यह कहना गलत होगा कि भारतीय संविधान में कोई मौलिकता नहीं है। यद्यपि इसके अधिकांश प्रावधान विभिन्न देशों के संविधानों और भारत सरकार अधिनियम 1935 से प्रेरित हैं, लेकिन इन प्रावधानों को भारतीय परिस्थितियों, आवश्यकताओं और सामाजिक-राजनीतिक संदर्भ के अनुसार ढाला गया है। इस अनुकूलन के कारण संविधान में अपनी मौलिकता है।
प्रश्न 5
- निष्कर्ष: संविधान अपने नागरिकों को मौलिक अधिकार प्रदान करता है।
- उदाहरण 1: समानता का अधिकार (अनुच्छेद 14-18) यह सुनिश्चित करता है कि कानून के समक्ष सभी नागरिक समान हैं और उनके साथ धर्म, जाति, लिंग आदि के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा।
- उदाहरण 2: स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 19-22) नागरिकों को भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शांतिपूर्वक एकत्र होने, संघ बनाने, देश के किसी भी भाग में आने-जाने, बसने और कोई भी पेशा अपनाने की स्वतंत्रता देता है।
- निष्कर्ष: संविधान सरकार की शक्तियों को सीमित करता है और नियंत्रण रखता है।
- उदाहरण 1: शक्तियों का पृथक्करण (Separation of Powers) संविधान विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के कार्यों को अलग-अलग करता है, जिससे कोई एक अंग अत्यधिक शक्तिशाली न हो जाए।
- उदाहरण 2: न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) के माध्यम से न्यायपालिका यह सुनिश्चित करती है कि विधायिका द्वारा बनाए गए कानून और कार्यपालिका के कार्य संविधान के अनुरूप हों। यदि वे असंवैधानिक पाए जाते हैं, तो उन्हें रद्द किया जा सकता है।
- निष्कर्ष: संविधान समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए विशेष प्रावधान करता है।
- उदाहरण 1: आरक्षण का प्रावधान (जैसे सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में) अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए अवसरों की समानता सुनिश्चित करता है।
- उदाहरण 2: राज्य के नीति निदेशक तत्व (Directive Principles of State Policy) जैसे अनुच्छेद 46, जो समाज के कमजोर वर्गों, विशेषकर अनुसूचित जातियों और जनजातियों के शैक्षिक और आर्थिक हितों को बढ़ावा देने का निर्देश देता है।
Common mistakes
- संविधान के कार्यों को गलत समझना।
- संसद की शक्तियों को संविधान से ऊपर मानना।
- संविधान सभा की प्रतिनिधित्वता को गलत आंकना।
- संविधान की मौलिकता को केवल उधार ली गई सामग्री मानना।
Revision tips
- संविधान के प्रत्येक कार्य को उदाहरण सहित याद करें।
- संसद और संविधान के बीच शक्ति संतुलन को समझें।
- भारतीय संविधान के निर्माण से जुड़े प्रमुख तर्कों को दोहराएं।
- संविधान की मौलिकता पर दिए गए तर्कों को ध्यान से पढ़ें।
Practice MCQs
Q1. निम्नलिखित में से कौन सा संविधान का कार्य नहीं है?
Explanation: संविधान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना नहीं है कि केवल अच्छे लोग ही सत्ता में आएँ, बल्कि यह शासन की संरचना और शक्तियों को परिभाषित करता है।
Q2. संविधान की प्रमाणिकता संसद से अधिक क्यों है, इसका सबसे अच्छा कारण क्या है?
Explanation: संविधान संसद की स्थापना, उसकी संरचना और उसकी शक्तियों का आधार प्रदान करता है, इसलिए यह संसद से अधिक प्रमाणिक है।
Q3. क्या संविधान केवल लिखित दस्तावेज होता है?
Explanation: संविधान लिखित या अलिखित हो सकता है, और यह केवल लोकतांत्रिक देशों तक ही सीमित नहीं है।
Q4. संविधान सभा के गठन के समय किस प्रकार के मताधिकार का प्रयोग किया गया था?
Explanation: संविधान सभा का गठन सीमित मताधिकार के आधार पर हुए चुनाव के माध्यम से हुआ था, न कि सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार पर।
Q5. भारतीय संविधान की मौलिकता के बारे में क्या कहा जा सकता है?
Explanation: यद्यपि भारतीय संविधान ने अन्य देशों से प्रेरणा ली है, लेकिन इसे भारतीय परिस्थितियों और आवश्यकताओं के अनुरूप ढाला गया है, जिससे इसमें मौलिकता आती है।
Frequently asked questions
संविधान क्यों आवश्यक है?
संविधान आवश्यक है क्योंकि यह नागरिकों को अधिकार देता है, सरकार की शक्तियों को परिभाषित करता है, और समाज के साझा मूल्यों को व्यक्त करता है।
क्या संविधान केवल लिखित होता है?
नहीं, संविधान लिखित या अलिखित दोनों हो सकता है। यह केवल लोकतांत्रिक देशों तक ही सीमित नहीं है।
भारतीय संविधान सभा का चुनाव कैसे हुआ था?
भारतीय संविधान सभा का गठन सीमित मताधिकार के आधार पर हुए चुनाव के माध्यम से हुआ था, न कि सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार पर।
क्या भारतीय संविधान में कोई मौलिकता है?
हाँ, यद्यपि इसने अन्य देशों से प्रेरणा ली है, इसे भारतीय परिस्थितियों के अनुसार ढाला गया है, जिससे इसमें मौलिकता आती है।
संसद और संविधान में से कौन अधिक महत्वपूर्ण है?
संविधान अधिक प्रमाणिक है क्योंकि यह संसद की स्थापना, उसकी संरचना और उसकी शक्तियों का निर्धारण करता है।
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