कक्षा 11 राजनीति विज्ञान NCERT समाधान: अध्याय 9 - संविधान एक जीवंत दस्तावेज

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यह पृष्ठ कक्षा 11 राजनीति विज्ञान के लिए NCERT समाधान प्रस्तुत करता है, जो अध्याय 9 "संविधान - एक जीवंत दस्तावेज" पर केंद्रित है। यह समाधान बताता है कि भारतीय संविधान एक गतिशील दस्तावेज़ है जो समय के साथ विकसित होता है। इसमें संविधान में संशोधन की आवश्यकता, प्रक्रिया और इसके लचीलेपन व कठोरता के मिश्रण पर प्रकाश डाला गया है। समाधान में प्रमुख संशोधनों, जैसे कि 42वें और 44वें संशोधन, और मताधिकार की आयु को 21 से 18 वर्ष तक कम करने जैसे महत्वपूर्ण बदलावों पर भी चर्चा की गई है। यह विस्तृत स्पष्टीकरण छात्रों को संविधान की जीवंत प्रकृति और इसके निरंतर विकास को समझने में मदद करता है, जो परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 11
Subjectराजनीति विज्ञान
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter9. संविधान-एक जीवंत दस्तावेज

Chapter summary

अध्याय 9 "संविधान - एक जीवंत दस्तावेज" के NCERT समाधान छात्रों को भारतीय संविधान की संशोधन प्रक्रिया और इसके गतिशील स्वरूप को समझने में मदद करते हैं। समाधान बताते हैं कि कैसे बदलती सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार संविधान में बदलाव आवश्यक है। इसमें संशोधन के लचीलेपन और कठोरता के संतुलन, अनुच्छेद 368 के तहत प्रक्रिया, और प्रमुख संशोधनों के प्रभाव पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह छात्रों को संविधान के निरंतर विकास और प्रासंगिकता को समझने में सहायता करता है।

Learning outcomes

  • संविधान में संशोधन की आवश्यकता को समझना।
  • भारतीय संविधान के जीवंत दस्तावेज होने के अर्थ को स्पष्ट करना।
  • संविधान संशोधन की प्रक्रिया और उसके महत्व का विश्लेषण करना।
  • लचीलेपन और कठोरता के संतुलन के महत्व को पहचानना।
  • प्रमुख संवैधानिक संशोधनों के प्रभावों का मूल्यांकन करना।

Topics covered

Paper topics

  • संविधान की जीवंतता
  • संविधान संशोधन की आवश्यकता
  • संविधान संशोधन की प्रक्रिया
  • अनुच्छेद 368
  • लचीलापन और कठोरता का सम्मिश्रण
  • प्रमुख संवैधानिक संशोधन
  • 42वाँ संशोधन
  • 44वाँ संशोधन
  • मताधिकार की आयु में परिवर्तन
  • दल-बदल विरोधी कानून
  • आपातकाल और संविधान
  • संविधान के कामकाज की समीक्षा

Important topics

  • संविधान संशोधन की प्रक्रिया (अनुच्छेद 368)
  • संविधान का जीवंत दस्तावेज होना
  • लचीलेपन और कठोरता का संतुलन
  • प्रमुख विवादास्पद संशोधन (38वें, 39वें, 42वें)
  • 44वें संशोधन द्वारा पूर्ववर्ती संशोधनों को निरस्त करना
  • मताधिकार की आयु 21 से 18 वर्ष करना

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

निम्नलिखित में से कौन-सा वाक्य सही है- संविधान में समय-समय पर संशोधन करना आवश्यक होता है क्योंकि
  • (क) परिस्थितियाँ बदलने पर संविधान में उचित संशोधन करना आवश्यक हो जाता है।
  • (ख) किसी समय विशेष में लिखा गया दस्तावेज कुछ समय पश्चात् अप्रासंगिक हो जाता है।
  • (ग) हर पीढ़ी के पास अपनी पसंद का संविधान चुनने का विकल्प होना चाहिए।
  • (घ) संविधान में मौजूदा सरकार का राजनीतिक दर्शन प्रतिबिंबित होना चाहिए।
Solution:

सही वाक्य (क) है। संविधान में समय-समय पर संशोधन करना आवश्यक होता है क्योंकि समाज की परिस्थितियाँ, आवश्यकताएँ और मूल्य समय के साथ बदलते रहते हैं। एक जीवंत संविधान वह होता है जो इन परिवर्तनों के साथ तालमेल बिठा सके और प्रासंगिक बना रहे। यदि संविधान में बदलाव न किए जाएँ, तो वह पुराना और अप्रासंगिक हो सकता है, जैसा कि विकल्प (ख) में कहा गया है, लेकिन संशोधन का मुख्य कारण बदलती परिस्थितियाँ हैं। विकल्प (ग) हर पीढ़ी को अपना संविधान चुनने का अधिकार देता है, जो एक लोकतांत्रिक सिद्धांत हो सकता है, लेकिन यह संविधान संशोधन की आवश्यकता का प्रत्यक्ष कारण नहीं है। विकल्प (घ) भी सही नहीं है क्योंकि संविधान का उद्देश्य किसी विशेष सरकार के राजनीतिक दर्शन को प्रतिबिंबित करना नहीं, बल्कि देश के शासन के लिए एक स्थायी ढाँचा प्रदान करना है।

प्रश्न 2

निम्निलिखित वाक्यों के सामने सही/गलत का निशान लगाएँ।
Solution:

स्रोत दस्तावेज़ में प्रश्न 2 के लिए कोई वाक्य या कथन प्रदान नहीं किया गया है जिसके सामने सही या गलत का निशान लगाया जा सके। कृपया प्रश्न के पूर्ण विवरण के लिए मूल स्रोत की जाँच करें।

Common mistakes

  • संशोधन की प्रक्रिया को पूरी तरह से न समझना।
  • संविधान के जीवंत होने के अर्थ को गलत समझना।
  • लचीलेपन और कठोरता के बीच के अंतर को स्पष्ट न कर पाना।
  • प्रमुख संशोधनों के महत्व को कम आंकना।

Revision tips

  • संविधान संशोधन की प्रक्रिया को अनुच्छेद 368 के संदर्भ में समझें।
  • प्रमुख संशोधनों (जैसे 42वां, 44वां) के कारणों और प्रभावों पर ध्यान केंद्रित करें।
  • संविधान के 'जीवंत दस्तावेज' होने के तर्कों को उदाहरण सहित याद करें।
  • लचीलेपन और कठोरता के संतुलन को समझने के लिए विभिन्न अनुच्छेदों का अध्ययन करें।

Practice MCQs

Q1. संविधान में समय-समय पर संशोधन करना क्यों आवश्यक है?

Q2. भारतीय संविधान को किस प्रकार का दस्तावेज माना जाता है?

Q3. संविधान संशोधन की प्रक्रिया भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में वर्णित है?

Q4. संविधान संशोधन विधेयक के मामले में राष्ट्रपति का क्या अधिकार है?

Q5. भारतीय संविधान में संशोधन के संबंध में क्या विशेषता है?

Frequently asked questions

भारतीय संविधान को 'जीवंत दस्तावेज' क्यों कहा जाता है?

भारतीय संविधान को 'जीवंत दस्तावेज' इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह स्थिर नहीं है, बल्कि समय के साथ बदलती सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप इसमें संशोधन किए जा सकते हैं, जिससे यह प्रासंगिक बना रहता है।

संविधान में संशोधन की प्रक्रिया किस अनुच्छेद के तहत आती है?

संविधान में संशोधन की प्रक्रिया भारतीय संविधान के अनुच्छेद 368 के तहत आती है, जो संसद को संविधान में संशोधन करने की शक्ति प्रदान करता है।

क्या भारतीय संविधान में संशोधन करना आसान है?

भारतीय संविधान में संशोधन की प्रक्रिया में लचीलेपन और कठोरता का मिश्रण है। कुछ संशोधन सरल बहुमत से हो जाते हैं, जबकि अन्य के लिए विशेष बहुमत की आवश्यकता होती है, जो इसे पूरी तरह से आसान या कठिन नहीं बनाता है।

संविधान में संशोधन की आवश्यकता क्यों पड़ती है?

संविधान में संशोधन की आवश्यकता इसलिए पड़ती है क्योंकि समाज की आवश्यकताएं, परिस्थितियाँ और मूल्य समय के साथ बदलते हैं। इन बदलावों को समायोजित करने और संविधान को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए संशोधन आवश्यक हैं।

42वें संशोधन को इतना महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है?

42वें संशोधन को एक बड़ा और महत्वपूर्ण संशोधन माना जाता है क्योंकि इसने संविधान के कई हिस्सों को गहराई से प्रभावित किया था, हालांकि इनमें से अधिकांश बदलावों को बाद में 43वें और 44वें संशोधनों द्वारा निरस्त कर दिया गया।

मताधिकार की आयु 21 से घटाकर 18 वर्ष कब की गई?

मताधिकार की आयु को 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष करने के लिए संविधान में संशोधन किया गया था, जो 52वें और 91वें संशोधन के साथ-साथ हुए महत्वपूर्ण बदलावों में से एक है।

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