CBSE Class 10 Abhyasvan Bhavah Chapter 1: NCERT Solutions

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This section provides NCERT Solutions for Class 10 Abhyasvan Bhavah, Chapter 1, focusing on 'अपठितावबोधनम्' (Unseen Passage Comprehension). Students will find detailed answers to questions based on a given Hindi passage about the benefits and cultural significance of the Amla fruit (धात्रीफलम्). The solutions cover various question types, including single-word answers, full-sentence answers, identifying grammatical elements like adjectives and antonyms, and choosing an appropriate title for the passage. These solutions are designed to help students understand how to approach unseen passages, improve their Hindi comprehension skills, and practice grammar in context, which is crucial for exam preparation.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 10
SubjectAbhyasvan Bhavah
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 1

Chapter summary

Chapter 1 of Abhyasvan Bhavah for Class 10 focuses on 'अपठितावबोधनम्'. This chapter's NCERT Solutions provide a detailed walkthrough of answering questions based on an unseen Hindi passage. It emphasizes understanding the passage's content, identifying key information, and applying grammatical knowledge to answer specific questions about vocabulary and sentence structure. The solutions aim to build comprehension and analytical skills for unseen text.

Learning outcomes

  • Understand and interpret unseen Hindi passages.
  • Answer questions based on passage content accurately.
  • Identify and use grammatical elements like adjectives and antonyms.
  • Determine the most suitable title for a given passage.
  • Improve Hindi reading comprehension and vocabulary.

Topics covered

Paper topics

  • अपठितावबोधनम् (Unseen Passage Comprehension)
  • धात्रीफल (Amla) Benefits
  • Passage Interpretation
  • Grammar in Context
  • Identifying Adjectives
  • Finding Antonyms
  • Pronoun Reference
  • Choosing a Title
  • Cultural Traditions (Sahabhoj)
  • Health Benefits of Amla
  • Vocabulary Building
  • Sentence Structure Analysis

Important topics

  • Unseen Passage Comprehension Techniques
  • Grammatical Analysis within Passage
  • Identifying Key Information
  • Vocabulary and Antonyms
  • Title Selection for Passage
  • Health Benefits of Amla

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Questions and Solutions

प्रश्न 1. एकपदेन उत्तरत-

(क) धात्रीफलं कदा लाभदायकं भवति?
Solution: धात्रीफल सभी मौसमों में लाभदायक होता है। गद्यांश के अनुसार, यह सर्वऋतुषु (सभी ऋतुओं में) लाभदायक होता है।
(ख) धात्रीफलस्य अपरं नाम किम्?
Solution: धात्रीफल को एक अन्य नाम से भी जाना जाता है। गद्यांश में बताया गया है कि धात्रीफल को आमलकम् भी कहते हैं।
(ग) धात्रीफलं कस्मिन् सहायकं भवति?
Solution: धात्रीफल शरीर के निर्माण में सहायक होता है। गद्यांश के अनुसार, यह रक्तकोशिकानिर्माणे (रक्त कोशिकाओं के निर्माण में) सहायक होता है।
(घ) सहभोजनेन कीदशः भावः जागर्ति?
Solution: सहभोज (एक साथ भोजन करना) से आपसी संबंध मधुर होते हैं। गद्यांश के अनुसार, सहभोज से प्रेम्णः (प्रेम का) भाव जागृत होता है और बढ़ता है।

प्रश्न 2. पूर्णवाक्येन उत्तरत-

(क) धात्रीफलं कथं बहुपयोगि अस्ति?
Solution: धात्रीफल अनेक स्वास्थ्य लाभों के कारण बहुत उपयोगी है। गद्यांश के अनुसार, यह नेत्रों की ज्योति बढ़ाने, केशां की सुन्दरता बढ़ाने और त्वचा की कान्ति बढ़ाने में बहुत सहायक होता है, इसलिए यह बहूपयोगि अस्ति
(ख) प्राचीनकाले कीहशी परम्परा आसीत्?
Solution: प्राचीन काल में प्रकृति और समुदाय से जुड़ाव की एक विशेष परंपरा थी। गद्यांश के अनुसार, प्राचीनकाले कार्तिकमासस्य नवम्यां तिथौ धात्रीवृक्षस्य अधः सहभोजस्य अपि परम्परा आसीत्, जिसका अर्थ है कि कार्तिक मास की नवमी तिथि को धात्री (आंवला) वृक्ष के नीचे साथ मिलकर भोजन करने की एक परंपरा थी।

प्रश्न 3. यथानिर्देशं प्रश्नान् उत्तरत-

(क) 'सर्वेषु ऋतुषु' इत्यनयोः पदयोः किं विशेषणपदम्?
Solution: विशेषण वह शब्द होता है जो संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है। यहाँ 'सर्वेषु ऋतुषु' (सभी ऋतुओं में) वाक्यांश में, 'सर्वेषु' शब्द 'ऋतुषु' (ऋतुओं) की संख्या या व्यापकता बता रहा है। इसलिए, सर्वेषु विशेषण पद है।
(ख) 'क्षीयते' इति क्रियापदस्य विलामपदं गद्यांशात् चित्वा लिखत।
Solution: 'क्षीयते' का अर्थ है 'कम होता है'। हमें गद्यांश से इसका विलोम (उल्टा अर्थ वाला) शब्द खोजना है। गद्यांश में एक स्थान पर 'अस्य नियमितसेवनेन स्मरणशक्तिरपि वर्धते' लिखा है, जहाँ 'वर्धते' का अर्थ 'बढ़ता है' है। अतः, 'क्षीयते' का विलोम पद वर्धते है।
(ग) 'स्नेहस्य' इति पदस्य कृते गद्यांशे किं पदं प्रयुक्तम्?
Solution: 'स्नेह' का अर्थ भी प्रेम या लगाव होता है। गद्यांश में सहभोज के संदर्भ में एक भाव का उल्लेख है। गद्यांश में 'सहभोजनेन प्रेम्णः भावोऽपि जागर्ति वर्धते च' वाक्य में प्रेम्णः शब्द का प्रयोग किया गया है, जो 'स्नेहस्य' के समान अर्थ रखता है।
(घ) 'अस्य सेवनेन शरीरे रक्ताल्पता न भवति' इत्यस्मिन् वाक्ये 'अस्य' इति सर्वनामपद कस्मै प्रयुक्तम्?
Solution: सर्वनाम शब्द संज्ञा के स्थान पर प्रयोग होते हैं। इस वाक्य में 'अस्य' शब्द का प्रयोग किसी फल के सेवन के संदर्भ में हुआ है, जिससे रक्ताल्पता नहीं होती। गद्यांश के आरम्भ में धात्रीफल के गुणों का वर्णन है। इसलिए, यहाँ 'अस्य' सर्वनाम पद धात्रीफलम् के लिए प्रयुक्त हुआ है।

प्रश्न ४. अनुच्छेदस्यास्य कृते समुचितं शीर्षकं लिखत।

अनुच्छेदस्यास्य कृते समुचितं शीर्षकं लिखत।
Solution: अनुच्छेद का शीर्षक ऐसा होना चाहिए जो उसके मुख्य विषय को दर्शाता हो। यह गद्यांश मुख्य रूप से धात्रीफल (आंवला) के विभिन्न लाभों, उसके स्वास्थ्य महत्व और उससे जुड़ी एक परंपरा का वर्णन करता है। इसलिए, एक उपयुक्त शीर्षक धात्रीफलम् महिमा (धात्रीफल की महिमा) या धात्रीफलस्य उपयोगिता (धात्रीफल की उपयोगिता) हो सकता है।

Common mistakes

  • Misinterpreting the meaning of words in the passage.
  • Difficulty in identifying specific grammatical terms.
  • Choosing an irrelevant or too broad title for the passage.
  • Not providing answers in the requested format (e.g., single word vs. full sentence).

Revision tips

  • Read the passage carefully multiple times to grasp the overall meaning.
  • Pay close attention to the specific instructions for each question (e.g., 'एकपदेन', 'पूर्णवाक्येन').
  • Practice identifying grammatical terms within the context of the passage.
  • Try to summarize the passage in your own words before answering the title question.

Practice MCQs

Q1. गद्यांश के अनुसार, धात्रीफल (आमलक) का प्रयोग किसके लिए लाभदायक है?

Q2. प्राचीन काल में कार्तिक मास की नवमी तिथि को किस वृक्ष के नीचे सहभोज की परंपरा थी?

Q3. गद्यांश में 'वर्धते' क्रियापद का विलोम शब्द क्या है?

Q4. सहभोज की परंपरा से कौन सा भाव जागृत और वर्धित होता है?

Q5. गद्यांश के अनुसार, धात्रीफल के नियमित सेवन से क्या बढ़ता है?

Frequently asked questions

यह समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?

यह समाधान CBSE कक्षा 10 के 'अभ्यासवान् भवः' पुस्तक के अध्याय 1 के लिए है।

इस अध्याय का मुख्य विषय क्या है?

इस अध्याय का मुख्य विषय 'अपठितावबोधनम्' है, जिसका अर्थ है अपठित गद्यांश को पढ़कर समझना और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर देना।

गद्यांश किस फल के बारे में है और इसके क्या लाभ बताए गए हैं?

गद्यांश धात्रीफल (आमलक) के बारे में है। इसके लाभों में नेत्र ज्योति बढ़ाना, केशों की सुन्दरता और त्वचा की कान्ति बढ़ाना, रक्त निर्माण में सहायक होना, शरीर की गर्मी कम करना और स्मरणशक्ति बढ़ाना शामिल है।

क्या इन समाधानों में व्याकरण संबंधी प्रश्न भी शामिल हैं?

हाँ, इन समाधानों में गद्यांश से संबंधित व्याकरण के प्रश्न भी शामिल हैं, जैसे विशेषण पद पहचानना, क्रियापद का विलोम शब्द खोजना और सर्वनाम पद का संदर्भ बताना।

यह समाधान छात्रों की परीक्षा तैयारी में कैसे मदद करेगा?

यह समाधान छात्रों को अपठित गद्यांश को समझने, प्रश्नों के सटीक उत्तर देने और व्याकरण के अपने ज्ञान को लागू करने का अभ्यास कराकर परीक्षा की तैयारी में मदद करेगा।

गद्यांश में किस पारंपरिक सहभोज का उल्लेख है?

गद्यांश में प्राचीन काल में कार्तिक मास की नवमी तिथि को धात्रीवृक्ष के नीचे सहभोज की परंपरा का उल्लेख है, जो प्रेम के भाव को जागृत और वर्धित करती है।

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