CBSE Class 10 Abhyasvan Bhavah Chapter 14: आदर्शप्रश्नपत्रम् NCERT Solutions

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This section provides detailed solutions for Chapter 14, 'आदर्शप्रश्नपत्रम्' (Model Question Paper) from the CBSE Class 10 Abhyasvan Bhavah textbook in Hindi. It focuses on comprehension of an unseen passage and grammatical understanding. The solutions guide students through answering questions based on the provided text, identifying vocabulary like antonyms and adjectives, and understanding sentence structure by pinpointing verbs. This chapter is crucial for developing reading skills and reinforcing Hindi grammar concepts, essential for exam preparation and overall language proficiency. These solutions aim to clarify the thought process behind solving such questions, aiding students in their revision and improving their performance in examinations.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 10
SubjectAbhyasvan Bhavah
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 14

Chapter summary

Chapter 14 of Abhyasvan Bhavah for Class 10 presents a model question paper in Hindi, focusing on an unseen passage. The solutions cover comprehension questions requiring one-word and full-sentence answers, as well as grammar-based questions. Students will learn to identify antonyms, adjectives, and verbs within the context of the passage. This chapter is designed to enhance reading comprehension and grammatical accuracy in Hindi.

Learning outcomes

  • Understand and interpret an unseen Hindi passage.
  • Answer comprehension questions based on a given text.
  • Identify and use antonyms from a passage.
  • Recognize and identify adjectives and verbs in Hindi sentences.
  • Improve Hindi grammar and vocabulary through contextual application.

Topics covered

Paper topics

  • Unseen Passage Comprehension
  • Vocabulary (Antonyms)
  • Grammar (Adjectives, Verbs)
  • Sentence Analysis
  • Character Building
  • Importance of Childhood
  • Health and Exercise
  • Study Habits

Important topics

  • Unseen Passage Comprehension
  • Identifying Adjectives and Verbs
  • Understanding Antonyms
  • Interpreting the Importance of Childhood
  • Answering based on Textual Evidence

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Questions and Solutions

प्रश्न 1 (क)

बाल्यावस्था जीवनस्य महत्वपूर्णः कालः भवति। अस्मिन् समये यदि वयं परिश्रमं कुर्मः तदा जीवन सुखमयं भवति। विद्यार्थी बाल्यकाले विद्याध्ययने प्रवृत्तः भवति चेत् तस्य परीक्षाफलं शोभनं भवति, विषयस्यापि ज्ञानं सरलतया भवति। सः स्वस्वप्नं पूरियतुं समर्थो भवति। एवमेव चरित्रनिर्माणे चापि बाल्यकालः महत्वपूर्ण स्थानम् आदधाति। बाल्यकाले यादृशाः संस्काराः लभ्यन्ते तादृशः एव आचारः व्यवहारः च आजीवनम् अस्माभिः सह तिष्ठतः। अत एव अस्माभिः बाल्यकाले अवधानपूर्वकं गुणाधानस्य प्रयासः कर्त्तव्यः। अस्मिन् समये अध्ययनप्राप्तये अपि सावधानमनसा प्रयतः करणीयः। शरीरस्वास्थ्यरक्षायै चापि बाल्यकालादेव पौष्टिकाहारः ग्रहीतव्यः व्यायामः चापि करणीयः।

अधोलिखितम् अनुच्छेदं पठित्वा यथानिर्देशं प्रश्नान् उत्तरत्-

  1. एकपदेन उत्तरत (केवलं प्रश्नद्वयमेव) (1 × 2 = 2)
  • (क) बाल्यकाले अवधानपूर्वकं कस्य प्रयासः कर्त्तव्यः?
  • (ख) किमर्थं पौष्टिकाहारः ग्रहीतव्यः?
Solution:

गद्यांश के अनुसार, बचपन में हमें ध्यानपूर्वक 'गुणाधानस्य' (अच्छे गुणों को धारण करने) का प्रयास करना चाहिए।

उत्तरम्: (क) गुणाधानस्य

गद्यांश में बताया गया है कि शरीर के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए बचपन से ही पौष्टिक आहार लेना चाहिए।

उत्तरम्: (ख) शरीरस्वास्थ्यरक्षायै

प्रश्न 1 (ख)

बाल्यावस्था जीवनस्य महत्वपूर्णः कालः भवति। अस्मिन् समये यदि वयं परिश्रमं कुर्मः तदा जीवन सुखमयं भवति। विद्यार्थी बाल्यकाले विद्याध्ययने प्रवृत्तः भवति चेत् तस्य परीक्षाफलं शोभनं भवति, विषयस्यापि ज्ञानं सरलतया भवति। सः स्वस्वप्नं पूरियतुं समर्थो भवति। एवमेव चरित्रनिर्माणे चापि बाल्यकालः महत्वपूर्ण स्थानम् आदधाति। बाल्यकाले यादृशाः संस्काराः लभ्यन्ते तादृशः एव आचारः व्यवहारः च आजीवनम् अस्माभिः सह तिष्ठतः। अत एव अस्माभिः बाल्यकाले अवधानपूर्वकं गुणाधानस्य प्रयासः कर्त्तव्यः। अस्मिन् समये अध्ययनप्राप्तये अपि सावधानमनसा प्रयतः करणीयः। शरीरस्वास्थ्यरक्षायै चापि बाल्यकालादेव पौष्टिकाहारः ग्रहीतव्यः व्यायामः चापि करणीयः।

अधोलिखितम् अनुच्छेदं पठित्वा यथानिर्देशं प्रश्नान् उत्तरत्-

  1. पूर्णवाक्येन उत्तरत (केवलं प्रश्नद्वयमेव) (2 × 2 = 4)
  • (क) जीवनं कदा सुखमयं भवति?
  • (ख) कौ अस्माभिः सह सदैव तिष्ठतः?
Solution:

गद्यांश के अनुसार, जब हम बचपन में परिश्रम करते हैं, तब हमारा जीवन सुखमय हो जाता है।

उत्तरम्: (क) यदा बाल्यकाले वयं परिश्रमं कुर्मः तदा जीवनं सुखमयं भवति।

गद्यांश में बताया गया है कि बचपन में हमें जैसे संस्कार मिलते हैं, वैसा ही आचार (चरित्र) और व्यवहार जीवन भर हमारे साथ रहता है।

उत्तरम्: (ख) आचाराः व्यवहारः च अस्माभिः सह सदैव तिष्ठतः।

प्रश्न 1 (ग)

बाल्यावस्था जीवनस्य महत्वपूर्णः कालः भवति। अस्मिन् समये यदि वयं परिश्रमं कुर्मः तदा जीवन सुखमयं भवति। विद्यार्थी बाल्यकाले विद्याध्ययने प्रवृत्तः भवति चेत् तस्य परीक्षाफलं शोभनं भवति, विषयस्यापि ज्ञानं सरलतया भवति। सः स्वस्वप्नं पूरियतुं समर्थो भवति। एवमेव चरित्रनिर्माणे चापि बाल्यकालः महत्वपूर्ण स्थानम् आदधाति। बाल्यकाले यादृशाः संस्काराः लभ्यन्ते तादृशः एव आचारः व्यवहारः च आजीवनम् अस्माभिः सह तिष्ठतः। अत एव अस्माभिः बाल्यकाले अवधानपूर्वकं गुणाधानस्य प्रयासः कर्त्तव्यः। अस्मिन् समये अध्ययनप्राप्तये अपि सावधानमनसा प्रयतः करणीयः। शरीरस्वास्थ्यरक्षायै चापि बाल्यकालादेव पौष्टिकाहारः ग्रहीतव्यः व्यायामः चापि करणीयः।

अधोलिखितम् अनुच्छेदं पठित्वा यथानिर्देशं प्रश्नान् उत्तरत्-

(iii) निर्देशानुसारम् उत्तरत (केवलं प्रश्नत्रयमेव) (1 × 3 = 3)

(क) 'अनवधानमनसा' इत्यस्य विलोमपदं गद्यांशात् चित्वा लिखत।

  1. ध्यानमनसा
  2. सावधानमनसा
  3. मनसा
  4. सावधानेन

(ख) 'महत्त्वपूर्णः कालः' इत्यनयोः किं विशेषणपदम्?

  1. पूर्णः
  2. महत्त्वम्
  3. काल:
  4. महत्त्वपूर्णः

(ग) 'बाल्यावस्था जीवनस्य महत्त्वपूर्णः कालः भवति' इति वाक्ये किं क्रियापदम्?

  1. कालः
  2. भवति
  3. जीवनस्य
  4. बाल्यावस्था
Solution:

गद्यांश में 'अनवधानमनसा' (असावधानीपूर्वक मन से) का विलोम शब्द 'सावधानमनसा' (सावधानीपूर्वक मन से) है।

उत्तरम्: सावधानमनसा

'महत्त्वपूर्णः कालः' (महत्वपूर्ण समय) इस वाक्यांश में, 'कालः' (समय) संज्ञा है और 'महत्त्वपूर्णः' (महत्वपूर्ण) शब्द उस संज्ञा की विशेषता बता रहा है। इसलिए, 'महत्त्वपूर्णः' विशेषण पद है।

उत्तरम्: महत्त्वपूर्णः

'बाल्यावस्था जीवनस्य महत्त्वपूर्णः कालः भवति' (बचपन जीवन का महत्वपूर्ण समय होता है) इस वाक्य में, 'भवति' (होता है) क्रियापद है, जो अवस्था की स्थिति को दर्शाता है।

उत्तरम्ः भवति

Common mistakes

  • Misinterpreting the passage leading to incorrect answers.
  • Difficulty in identifying the correct antonym or grammatical term.
  • Not adhering to the specific answer format (one-word vs. full sentence).
  • Overlooking the instructions for selecting a specific number of questions.

Revision tips

  • Read the passage carefully multiple times to grasp the meaning.
  • Pay close attention to the specific instructions for each question type.
  • Practice identifying grammatical elements like adjectives and verbs in other Hindi texts.
  • Review the vocabulary used in the passage, especially the antonym provided.

Practice MCQs

Q1. गद्यांश के अनुसार, जीवन कब सुखमय होता है?

Q2. गद्यांश के अनुसार, बचपन में किस चीज़ का प्रयास अवधानपूर्वक करना चाहिए?

Q3. 'अनवधानमनसा' का विलोम शब्द गद्यांश से क्या चुना गया है?

Q4. 'महत्त्वपूर्णः कालः' में विशेषण पद कौन सा है?

Q5. गद्यांश के अनुसार, आचार और व्यवहार आजीवन किसके साथ रहते हैं?

Frequently asked questions

यह समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?

यह समाधान CBSE कक्षा 10 के 'अभ्यासवान् भव' (Abhyasvan Bhavah) पुस्तक के अध्याय 14 के लिए है, जो हिंदी माध्यम में है।

इस अध्याय में मुख्य रूप से क्या सिखाया गया है?

इस अध्याय में एक अपठित गद्यांश को पढ़कर समझने और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर देने का अभ्यास कराया गया है, साथ ही व्याकरण के कुछ तत्वों जैसे विलोम शब्द, विशेषण और क्रियापद की पहचान भी सिखाई गई है।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?

हाँ, ये समाधान गद्यांश को समझने और व्याकरणिक प्रश्नों को हल करने की प्रक्रिया को स्पष्ट करते हैं, जिससे छात्रों को परीक्षा में ऐसे प्रश्नों का सामना करने में मदद मिलेगी।

गद्यांश आधारित प्रश्नों के उत्तर कैसे दें?

गद्यांश आधारित प्रश्नों के उत्तर देने के लिए, पहले गद्यांश को ध्यान से पढ़ें, फिर प्रश्न को समझें और गद्यांश में उस जानकारी को खोजें जो प्रश्न का उत्तर देती है। उत्तर गद्यांश के शब्दों में ही होना चाहिए।

व्याकरण के प्रश्नों को हल करने के लिए क्या करें?

व्याकरण के प्रश्नों के लिए, प्रश्न में पूछे गए शब्द या पद के अर्थ को समझें और गद्यांश में उसके सही प्रयोग या पहचान को देखें। विलोम, विशेषण, क्रिया आदि की परिभाषाओं को याद रखना सहायक होता है।

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