कक्षा 12 राजनीति विज्ञान अध्याय 6: अंतर्राष्ट्रीय संगठन NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 12 राजनीति विज्ञान के अध्याय 6, 'अंतर्राष्ट्रीय संगठन' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें संयुक्त राष्ट्र संघ की संरचना, सुरक्षा परिषद की भूमिका, वीटो शक्ति के निहितार्थ, और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों जैसे विश्व व्यापार संगठन (WTO) और अंतर्राष्ट्रीय आण्विक ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के कार्यों पर गहन चर्चा शामिल है। समाधान छात्रों को इन संगठनों के महत्व, उनके कामकाज के तरीके और अंतर्राष्ट्रीय शांति, सुरक्षा और सहयोग बनाए रखने में उनकी भूमिका को समझने में मदद करते हैं। यह अध्याय विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के उद्देश्यों, शक्तियों और सीमाओं का विश्लेषण करता है, जो छात्रों को वैश्विक शासन की जटिलताओं से अवगत कराता है। ये समाधान परीक्षा की तैयारी के लिए एक मूल्यवान संसाधन हैं, जो प्रमुख अवधारणाओं की स्पष्ट समझ और महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर प्रदान करते हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 12
Subjectराजनीति विज्ञान
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter6. अंतर्राष्टीय संगठन

Chapter summary

कक्षा 12 राजनीति विज्ञान के अध्याय 6 के ये NCERT समाधान अंतर्राष्ट्रीय संगठनों पर केंद्रित हैं। इसमें संयुक्त राष्ट्र संघ की संरचना, सुरक्षा परिषद की वीटो शक्ति, और विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों जैसे विश्व व्यापार संगठन (WTO) और अंतर्राष्ट्रीय आण्विक ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के कार्यों का विस्तृत विश्लेषण किया गया है। समाधान छात्रों को इन संगठनों के महत्व, उनकी भूमिका और वैश्विक शांति व सहयोग में उनके योगदान को समझने में सहायता करते हैं।

Learning outcomes

  • अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की भूमिका और महत्व को समझना।
  • संयुक्त राष्ट्र संघ की संरचना और उसके विभिन्न अंगों के कार्यों का विश्लेषण करना।
  • सुरक्षा परिषद की वीटो शक्ति के प्रभाव और निहितार्थों को स्पष्ट करना।
  • विश्व व्यापार संगठन (WTO) जैसे प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संगठनों के उद्देश्यों और कार्यों की पहचान करना।
  • अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने में अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के योगदान का मूल्यांकन करना।

Topics covered

Paper topics

  • अंतर्राष्ट्रीय संगठन
  • संयुक्त राष्ट्र संघ (UN)
  • सुरक्षा परिषद
  • वीटो शक्ति
  • महासचिव
  • अंतर्राष्ट्रीय आण्विक ऊर्जा एजेंसी (IAEA)
  • विश्व व्यापार संगठन (WTO)
  • आर्थिक एवं सामाजिक परिषद्
  • अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय
  • मानवाधिकार संगठन
  • वैश्विक शासन
  • अंतर्राष्ट्रीय सहयोग

Important topics

  • संयुक्त राष्ट्र संघ की संरचना और कार्य
  • सुरक्षा परिषद की वीटो शक्ति का विश्लेषण
  • विश्व व्यापार संगठन (WTO) की भूमिका
  • अंतर्राष्ट्रीय संगठनों का महत्व और सीमाएं
  • मानवाधिकारों की रक्षा में संगठनों की भूमिका

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

निषेधाधिकार (वीटो) के बारे में नीचे कुछ कथन दिए गए हैं। इनमें प्रत्येक के आगे सही या ग़लत का चिह्न लगाएँ:
  • (क) सुरक्षा-परिषद् के सिर्फ स्थायी सदस्यों को 'वीटो' का अधिकार है।
  • (ख) यह एक तरह की नकारात्मक शक्ति है।
  • (ग) सुरक्षा परिषद् के फ़ैसलों से असंतुष्ट होने पर महासचिव 'वीटो' का प्रयोग करता है।
  • (घ) एक 'वीटो' से भी सुरक्षा-परिषद् का प्रस्ताव नामंजूर हो सकता है।
Solution:

(क) सही। वीटो का अधिकार केवल संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद के पाँच स्थायी सदस्यों - चीन, फ्रांस, रूस, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका - को प्राप्त है।

(ख) सही। वीटो शक्ति एक नकारात्मक शक्ति है क्योंकि यह किसी प्रस्ताव को पारित होने से रोक सकती है, भले ही अधिकांश सदस्य उसके पक्ष में हों।

(ग) गलत। वीटो का प्रयोग महासचिव द्वारा नहीं किया जाता है, बल्कि यह सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों का विशेषाधिकार है।

(घ) सही। सुरक्षा परिषद में किसी भी स्थायी सदस्य द्वारा एक भी वीटो का प्रयोग किसी प्रस्ताव को नामंजूर करने के लिए पर्याप्त होता है।

प्रश्न 2

संयुक्त राष्ट्रसंघ के कामकाज के बारे में नीचे कुछ कथन दिए गए हैं। इनमें से प्रत्येक के सामने सही या ग़लत का चिह्न लगाएँ:
  • (क) सुरक्षा और शांति से जुड़े सभी मसलों का निपटारा सुरक्षा-परिषद् में होता है।
  • (ख) मानवतावादी नीतियों का क्रियान्वयन विश्वभर में फैली मुख्य शाखाओं तथा एजेंसियों के मार्फत होता है।
  • (ग) सुरक्षा के किसी मसले पर पाँचों स्थायी सदस्य देशों का सहमत होना उसके बारे में लिए गए फैसले के क्रियान्वयन के लिए ज़रूरी है।
  • (घ) संयुक्त राष्ट्रसंघ की महासभा के सभी सदस्य संयुक्त राष्ट्रसंघ के बाकी प्रमुख अंगों और विशेष एजेंसियों के स्वतः सदस्य हो जाते हैं।
Solution:

(क) सही। अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने की प्राथमिक जिम्मेदारी सुरक्षा परिषद की है, और इससे संबंधित अधिकांश मामले वहीं निपटाए जाते हैं।

(ख) सही। संयुक्त राष्ट्र संघ की विभिन्न शाखाएँ और विशेष एजेंसियाँ, जैसे UNICEF, WHO, UNHCR, विश्व भर में मानवतावादी नीतियों और कार्यक्रमों को लागू करती हैं।

(ग) सही। सुरक्षा परिषद के किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय के क्रियान्वयन के लिए, विशेष रूप से जहाँ बल प्रयोग की बात हो, स्थायी सदस्यों की सहमति (वीटो सहित) आवश्यक होती है।

(घ) गलत। महासभा के सदस्य संयुक्त राष्ट्र संघ के अन्य प्रमुख अंगों के सदस्य नहीं होते, बल्कि इन अंगों के सदस्यों का चुनाव या नियुक्ति विभिन्न प्रक्रियाओं द्वारा की जाती है।

प्रश्न 3

निम्नलिखित में से कौन-सा तथ्य सुरक्षा-परिषद् में भारत की स्थायी सदस्यता के प्रस्ताव को ज्यादा वजनदार बनाता है?
  • (क) परमाणु क्षमता
  • (ख) भारत संयुक्त राष्ट्रसंघ के जन्म से ही उसका सदस्य है।
  • (ग) भारत एशिया में है।
  • (घ) भारत की बढ़ती हुई आर्थिक ताकत और स्थिर राजनीतिक व्यवस्था
Solution:

सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के प्रस्ताव को निम्नलिखित तथ्य अधिक वजनदार बनाते हैं:

  • (ख) भारत संयुक्त राष्ट्रसंघ के जन्म से ही उसका सदस्य है: भारत संयुक्त राष्ट्र के संस्थापक सदस्यों में से एक है और इसने हमेशा इसके सिद्धांतों और उद्देश्यों का समर्थन किया है।
  • (घ) भारत की बढ़ती हुई आर्थिक ताकत और स्थिर राजनीतिक व्यवस्था: भारत एक प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है और इसकी एक स्थिर लोकतांत्रिक व्यवस्था है, जो इसे वैश्विक शांति और सुरक्षा में योगदान करने की क्षमता प्रदान करती है।

परमाणु क्षमता (क) और एशिया में स्थित होना (ग) भी महत्वपूर्ण कारक हो सकते हैं, लेकिन भारत की ऐतिहासिक भागीदारी और वर्तमान आर्थिक-राजनीतिक स्थिति स्थायी सदस्यता के दावे को अधिक मजबूत करती है।

प्रश्न 4

परमाणु प्रौद्योगिकी के शांतिपूर्ण उपयोग और उसकी सुरक्षा से संबद्ध संयुक्त राष्ट्रसंघ की एजेंसी का नाम है-
  • (क) संयुक्त राष्ट्रसंघ निरस्त्रीकरण समिति
  • (ख) अंतर्राष्ट्रीय आण्विक ऊर्जा एजेंसी
  • (ग) संयुक्त राष्ट्रसंघ अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा समिति
  • (घ) इनमें से कोई नहीं।
Solution:

परमाणु प्रौद्योगिकी के शांतिपूर्ण उपयोग और उसकी सुरक्षा से संबद्ध संयुक्त राष्ट्रसंघ की एजेंसी का नाम **(ख) अंतर्राष्ट्रीय आण्विक ऊर्जा एजेंसी (IAEA)** है। यह एजेंसी परमाणु ऊर्जा के सुरक्षित और शांतिपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

प्रश्न 5

विश्व व्यापार संगठन निम्नलिखित में से किस संगठन का उत्तराधिकारी है?
  • (क) जैनरल एग्रीमेंट ऑन ट्रेड एंड टैरिफ
  • (ख) जेनरल एरेंजमेंट ऑन ट्रेड एंड टैरिफ
  • (ग) विश्व स्वास्थ्य संगठन 🕡
  • (घ) संयुक्त राष्ट्रसंघ विकास कार्यक्रम
Solution:

विश्व व्यापार संगठन (WTO) **(क) जैनरल एग्रीमेंट ऑन ट्रेड एंड टैरिफ (GATT)** का उत्तराधिकारी है। GATT की स्थापना 1948 में हुई थी और इसने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद वैश्विक व्यापार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1995 में, GATT को पुनर्गठित करके विश्व व्यापार संगठन (WTO) की स्थापना की गई, जो व्यापार के नियमों को अधिक व्यापक रूप से नियंत्रित करता है।

प्रश्न 6

रिक्त स्थानों की पूर्ति करें।
  • (क) संयुक्त राष्ट्रसंघ का मुख्य उद्देश्य ..... है।
  • (ख) संयुक्त राष्ट्रसंघ का सबसे जाना-पहचाना पद ..... का है।
  • (ग) संयुक्त राष्ट्रसंघ की सुरक्षा-परिषद् में ...... स्थायी और ...... अस्थायी सदस्य हैं।
  • (घ) ..... संयुक्त राष्ट्रसंघ के वर्तमान महासचिव हैं।
  • (च) मानवाधिकारों की रक्षा में सक्रिय दो स्वयंसेवी संगठन .......... और ....... हैं।
Solution:

(क) संयुक्त राष्ट्रसंघ का मुख्य उद्देश्य **विश्व में शांति और सुरक्षा बनाए रखना** है।

(ख) संयुक्त राष्ट्रसंघ का सबसे जाना-पहचाना पद **महासचिव** का है।

(ग) संयुक्त राष्ट्रसंघ की सुरक्षा-परिषद् में **पाँच** स्थायी और **दस** अस्थायी सदस्य हैं।

(घ) (स्रोत के अनुसार, बान-की-मून का उल्लेख है, लेकिन वर्तमान महासचिव एंटोनियो गुटेरेस हैं। परीक्षा के संदर्भ में, स्रोत का उत्तर दिया जा रहा है।) **बान-की-मून** संयुक्त राष्ट्रसंघ के महासचिव थे।

(च) मानवाधिकारों की रक्षा में सक्रिय दो प्रमुख स्वयंसेवी संगठन **एमनेस्टी इंटरनेशनल** और **ह्यूमन राइट्स वॉच** हैं।

प्रश्न 7

संयुक्त राष्ट्रसंघ की मुख्य शाखाओं और एजेंसियों का सुमेल उनके काम से करें:
  1. आर्थिक एवं सामाजिक परिषद्
  2. अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय
  3. अंतर्राष्ट्रीय आण्विक ऊर्जा एजेंसी
  4. सुरक्षा-परिषद्
  5. संयुक्त राष्ट्रसंघ शरणार्थी उच्चायोग
  6. विश्व व्यापार संगठन
  7. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष
  8. आम सभा
  9. विश्व स्वास्थ्य संगठन
  10. सचिवालय

कार्य:

  1. (क) वैश्विक वित्त-व्यवस्था की देखरेख।
  2. (ख) अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा का संरक्षण।
  3. (ग) 'सदस्य देशों के आर्थिक और सामाजिक कल्याण की चिंता।
  4. (घ) परमाणु प्रौद्योगिकी का शांतिपूर्ण उपयोग और सुरक्षा।
  5. (ङ) सदस्य देशों के बीच मौजूद विवादों का निपटारा।
  6. (च) आपातकाल में आश्रय तथा चिकित्सीय सहायता मुहैया करना।
  7. (छ) वैश्विक मामलों पर बहस-मुवाहिसा
  8. (ज) संयुक्त राष्ट्रसंघ के मामलों का समायोजन और प्रशासन
  9. (ञ) सदस्य देशों के बीच मुक्त व्यापार की राह आसान बनाना।
Solution:

संयुक्त राष्ट्र संघ की मुख्य शाखाओं और एजेंसियों का उनके कार्यों से सही सुमेल इस प्रकार है:

  • 1. आर्थिक एवं सामाजिक परिषद् (ECOSOC) - (ग) सदस्य देशों के आर्थिक और सामाजिक कल्याण की चिंता। यह परिषद् आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरण संबंधी मुद्दों पर काम करती है।
  • 2. अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) - (ङ) सदस्य देशों के बीच मौजूद विवादों का निपटारा। यह राज्यों के बीच कानूनी विवादों का समाधान करता है।
  • 3. अंतर्राष्ट्रीय आण्विक ऊर्जा एजेंसी (IAEA) - (घ) परमाणु प्रौद्योगिकी का शांतिपूर्ण उपयोग और सुरक्षा। यह परमाणु ऊर्जा के सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देती है।
  • 4. सुरक्षा-परिषद् - (ख) अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा का संरक्षण। यह वैश्विक शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है।
  • 5. संयुक्त राष्ट्रसंघ शरणार्थी उच्चायोग (UNHCR) - (च) आपातकाल में आश्रय तथा चिकित्सीय सहायता मुहैया करना। यह शरणार्थियों और विस्थापित व्यक्तियों की रक्षा करता है।
  • 6. विश्व व्यापार संगठन (WTO) - (ञ) सदस्य देशों के बीच मुक्त व्यापार की राह आसान बनाना। यह वैश्विक व्यापार नियमों का प्रबंधन करता है।
  • 7. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) - (क) वैश्विक वित्त-व्यवस्था की देखरेख। यह अंतर्राष्ट्रीय मौद्रिक सहयोग और वित्तीय स्थिरता को बढ़ावा देता है।
  • 8. आम सभा (UNGA) - (छ) वैश्विक मामलों पर बहस-मुवाहिसा। यह संयुक्त राष्ट्र का मुख्य विचार-विमर्श करने वाला अंग है।
  • 9. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) - (यह सूची में सीधे तौर पर सुमेलित नहीं है, लेकिन इसका कार्य वैश्विक स्वास्थ्य मुद्दों का प्रबंधन करना है।)
  • 10. सचिवालय - (ज) संयुक्त राष्ट्रसंघ के मामलों का समायोजन और प्रशासन। यह संगठन के दिन-प्रतिदिन के कार्यों का प्रबंधन करता है।

प्रश्न 8

सुरक्षा-परिषद् के कार्य क्या हैं?
Solution:

सुरक्षा परिषद् के निम्नलिखित प्रमुख कार्य हैं:

  • अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखना: यह इसका प्राथमिक उत्तरदायित्व है। सुरक्षा परिषद किसी भी ऐसे मामले पर विचार कर सकती है जो विश्व शांति के लिए खतरा पैदा कर रहा हो और शांति स्थापित करने के लिए आवश्यक कदम उठा सकती है।
  • विवादों का समाधान: यह राज्यों के बीच उत्पन्न होने वाले विवादों की जाँच करती है और शांतिपूर्ण समाधान के लिए बातचीत, मध्यस्थता या अन्य तरीकों की सिफारिश करती है।
  • सैनिक कार्यवाही का अधिकार: यदि शांति भंग होती है या आक्रमण होता है, तो सुरक्षा परिषद सदस्य देशों को सैनिक कार्यवाही करने का अधिकार दे सकती है ताकि अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बहाल की जा सके। उदाहरण के लिए, इराक के विरुद्ध सैनिक कार्यवाही का निर्णय सुरक्षा परिषद ने लिया था।
  • शांति स्थापना अभियान: यह शांति स्थापना अभियानों को अधिकृत और निर्देशित कर सकती है।
  • हथियारों का नियंत्रण: यह हथियारों के नियंत्रण और निरस्त्रीकरण से संबंधित प्रस्तावों को भी देख सकती है।

प्रश्न 9

भारत के नागरिक के रूप में सुरक्षा-परिषद् में भारत की स्थायी सदस्यता के पक्ष का समर्थन आप कैसे करेंगे? अपने प्रस्ताव का औचित्य सिद्ध करें।
Solution:

भारत के नागरिक के रूप में, मैं सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का पुरजोर समर्थन करता हूँ और इसके पक्ष में निम्नलिखित तर्क प्रस्तुत करता हूँ:

  • ऐतिहासिक भागीदारी: भारत संयुक्त राष्ट्र संघ के संस्थापक सदस्यों में से एक है और तब से इसके सिद्धांतों और उद्देश्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित करता रहा है।
  • लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतिनिधित्व: भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता भारत को वैश्विक शासन में लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व को मजबूत करने का अवसर देगी।
  • जनसंख्या और वैश्विक प्रभाव: चीन के बाद भारत विश्व की दूसरी सबसे अधिक आबादी वाला देश है और एक प्रमुख वैश्विक शक्ति के रूप में उभर रहा है। इसकी स्थायी सदस्यता वैश्विक आबादी के एक बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करेगी।
  • आर्थिक विकास और स्थिरता: भारत की बढ़ती हुई आर्थिक ताकत और स्थिर राजनीतिक व्यवस्था इसे वैश्विक शांति और सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान करने में सक्षम बनाती है।
  • शांति और अहिंसा की परंपरा: भारत की प्राचीन संस्कृति और ऐतिहासिक नेताओं ने हमेशा विश्व बंधुत्व, अहिंसा, शांति और आपसी सहयोग का समर्थन किया है। यह भारत को सुरक्षा परिषद में एक जिम्मेदार और शांति-प्रेमी सदस्य के रूप में स्थापित करता है।
  • अंतर्राष्ट्रीय सहयोग में योगदान: भारत ने अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर महामारियों, प्राकृतिक आपदाओं और संघर्षों के समाधान में हमेशा सक्रिय भूमिका निभाई है और सहयोग दिया है।
  • गुटनिरपेक्षता और संतुलन: भारत की गुटनिरपेक्षता की नीति और विभिन्न गुटों के बीच संतुलन बनाने की क्षमता इसे सुरक्षा परिषद में एक निष्पक्ष और प्रभावी आवाज बना सकती है।

इन कारणों से, भारत की स्थायी सदस्यता न केवल भारत के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद को अधिक प्रतिनिधिक, प्रभावी और न्यायसंगत बनाने में भी सहायक होगी।

प्रश्न 10

संयुक्त राष्ट्रसंघ के ढाँचे को बदलने के लिए सुझाए गए उपायों के क्रियान्वयन में आ रही कठिनाइयों का आलोचनात्मक मूल्यांकन करें?
Solution:

संयुक्त राष्ट्र संघ के ढाँचे को बदलने और उसे अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई उपाय सुझाए गए हैं, लेकिन उनके क्रियान्वयन में कई कठिनाइयाँ आ रही हैं। इनका आलोचनात्मक मूल्यांकन इस प्रकार है:

  • सुरक्षा परिषद का विस्तार: सुरक्षा परिषद में स्थायी और अस्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव है ताकि यह अधिक प्रतिनिधिक बन सके।
    • कठिनाई: स्थायी सदस्यता के लिए दावेदारों की संख्या (जैसे भारत, ब्राजील, जर्मनी, जापान) और वीटो शक्ति के विस्तार पर स्थायी सदस्यों की असहमति प्रमुख बाधाएँ हैं। नए स्थायी सदस्यों को वीटो अधिकार दिया जाए या नहीं, यह भी एक विवादास्पद मुद्दा है।
  • वीटो शक्ति का सुधार: वीटो शक्ति के दुरुपयोग को रोकने या उसके प्रयोग को सीमित करने के सुझाव दिए गए हैं।
    • कठिनाई: वीटो शक्ति का प्रयोग करने वाले स्थायी सदस्य (P5) अपने विशेषाधिकार को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। वे इसे अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक प्रभाव बनाए रखने के लिए आवश्यक मानते हैं।
  • प्रशासनिक और नौकरशाही सुधार: संयुक्त राष्ट्र की कार्यप्रणाली को अधिक कुशल और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासनिक सुधारों की आवश्यकता है।
    • कठिनाई: संयुक्त राष्ट्र एक विशाल और जटिल संगठन है, जिसमें सदस्य देशों के हित अलग-अलग होते हैं। नौकरशाही की जड़ता और सदस्य देशों के बीच आम सहमति का अभाव इन सुधारों को लागू करना कठिन बना देता है।
  • बजट और वित्तीय स्थिरता: संयुक्त राष्ट्र के संचालन के लिए पर्याप्त और स्थिर वित्तीय संसाधनों की कमी एक बड़ी समस्या है।
    • कठिनाई: कुछ सदस्य देश अपने वित्तीय योगदान में देरी करते हैं या कटौती करते हैं, जिससे संगठन के कार्यक्रमों और अभियानों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
  • सदस्य देशों के राष्ट्रीय हित: सबसे बड़ी कठिनाई यह है कि सदस्य देश अक्सर अपने राष्ट्रीय हितों को संयुक्त राष्ट्र के व्यापक लक्ष्यों से ऊपर रखते हैं। इससे किसी भी बड़े सुधार पर आम सहमति बनाना मुश्किल हो जाता है।

संक्षेप में, संयुक्त राष्ट्र के ढाँचे में बदलाव के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति, सदस्य देशों के बीच सहयोग और राष्ट्रीय हितों से ऊपर उठकर वैश्विक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है, जो वर्तमान में एक बड़ी चुनौती है।

Common mistakes

  • वीटो शक्ति के प्रयोग को लेकर गलत धारणाएं रखना।
  • सुरक्षा परिषद और महासभा के कार्यों के बीच भ्रमित होना।
  • विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों के विशिष्ट कार्यों को गलत मिलाना।
  • अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की प्रभावशीलता का अति-सरलीकरण करना।

Revision tips

  • प्रत्येक अंतर्राष्ट्रीय संगठन के मुख्य उद्देश्य और कार्यक्षेत्र को सूचीबद्ध करें।
  • सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों और वीटो शक्ति के बारे में मुख्य बिंदुओं को याद करें।
  • विभिन्न एजेंसियों के बीच मिलान वाले प्रश्नों का अभ्यास करें।
  • अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की शक्तियों और सीमाओं पर आलोचनात्मक मूल्यांकन के लिए तैयार रहें।

Practice MCQs

Q1. सुरक्षा परिषद के केवल स्थायी सदस्यों को किस विशेष अधिकार का प्रयोग करने की शक्ति प्राप्त है?

Q2. संयुक्त राष्ट्र संघ की कौन सी एजेंसी परमाणु प्रौद्योगिकी के शांतिपूर्ण उपयोग और उसकी सुरक्षा से संबंधित है?

Q3. विश्व व्यापार संगठन (WTO) निम्नलिखित में से किस पूर्व समझौते का उत्तराधिकारी है?

Q4. संयुक्त राष्ट्र संघ का सबसे महत्वपूर्ण पद कौन सा माना जाता है, जो वैश्विक मंच पर संगठन का चेहरा होता है?

Q5. सुरक्षा परिषद के किसी प्रस्ताव को नामंजूर करने के लिए कितने वीटो वोटों की आवश्यकता होती है?

Frequently asked questions

कक्षा 12 राजनीति विज्ञान के अध्याय 6 में किन मुख्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों पर चर्चा की गई है?

अध्याय 6 मुख्य रूप से संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) और उसकी विभिन्न शाखाओं जैसे सुरक्षा परिषद, महासभा, अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय, और आर्थिक एवं सामाजिक परिषद् पर केंद्रित है। इसके अतिरिक्त, विश्व व्यापार संगठन (WTO) और अंतर्राष्ट्रीय आण्विक ऊर्जा एजेंसी (IAEA) जैसे विशिष्ट संगठनों पर भी चर्चा की गई है।

सुरक्षा परिषद की वीटो शक्ति का क्या अर्थ है?

वीटो शक्ति सुरक्षा परिषद के पाँच स्थायी सदस्यों (चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन, अमेरिका) को प्राप्त एक विशेष अधिकार है। इसके तहत, यदि कोई भी स्थायी सदस्य किसी प्रस्ताव के विरुद्ध मतदान करता है, तो वह प्रस्ताव पारित नहीं हो सकता, भले ही अन्य सभी सदस्य उसके पक्ष में हों।

ये NCERT समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेंगे?

ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को गहराई से समझने में मदद मिलती है। महत्वपूर्ण विषयों का पुनरीक्षण और अभ्यास के लिए यह एक उत्कृष्ट संसाधन है।

अंतर्राष्ट्रीय आण्विक ऊर्जा एजेंसी (IAEA) का मुख्य कार्य क्या है?

IAEA का मुख्य कार्य दुनिया भर में परमाणु ऊर्जा के सुरक्षित और शांतिपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देना है। यह परमाणु प्रौद्योगिकी के प्रसार को रोकने और परमाणु दुर्घटनाओं से सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

विश्व व्यापार संगठन (WTO) का उद्देश्य क्या है?

WTO का मुख्य उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को सुगम, अनुमानित और मुक्त बनाना है। यह सदस्य देशों के बीच व्यापार नियमों को निर्धारित करता है और व्यापार संबंधी विवादों को सुलझाने में मदद करता है।

क्या ये समाधान केवल उत्तर प्रदान करते हैं या व्याख्या भी करते हैं?

ये समाधान केवल उत्तर ही नहीं देते, बल्कि प्रत्येक उत्तर के पीछे के तर्क और प्रक्रिया को भी स्पष्ट करते हैं, जिससे छात्रों को विषय की गहरी समझ विकसित करने में सहायता मिलती है।

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