कक्षा 12 राजनीति विज्ञान: अध्याय 9 वैश्वीकरण NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 12 राजनीति विज्ञान के अध्याय 9, 'वैश्वीकरण' पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें वैश्वीकरण की बहुआयामी प्रकृति, इसके विभिन्न कारणों जैसे प्रौद्योगिकी की भूमिका, और इसके प्रभावों की गहन पड़ताल की गई है। समाधान यह भी स्पष्ट करते हैं कि वैश्वीकरण केवल आर्थिक घटना नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक और राजनीतिक आयामों को भी समाहित करता है। यह विभिन्न देशों और समाजों पर इसके विषम प्रभावों पर भी प्रकाश डालता है। अंत में, यह विश्वव्यापी पारस्परिक जुड़ाव की अवधारणा और प्रौद्योगिकी के योगदान को विस्तार से समझाता है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए वैश्वीकरण की जटिलताओं को समझने और महत्वपूर्ण अवधारणाओं को स्पष्ट करने में सहायता करेंगे।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | राजनीति विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 9. वैश्वीकरण |
Chapter summary
कक्षा 12 राजनीति विज्ञान के अध्याय 9 के ये NCERT समाधान 'वैश्वीकरण' की अवधारणा को स्पष्ट करते हैं। यह समाधान वैश्वीकरण को एक बहुआयामी परिघटना के रूप में परिभाषित करते हैं, न कि केवल एक आर्थिक घटना के रूप में। इसमें प्रौद्योगिकी की भूमिका, विश्वव्यापी पारस्परिक जुड़ाव के घटक, और वैश्वीकरण के विभिन्न प्रभावों पर चर्चा की गई है। यह अध्याय वैश्वीकरण के समर्थकों और आलोचकों के तर्कों को भी प्रस्तुत करता है, जिससे छात्रों को विषय की व्यापक समझ मिलती है।
Learning outcomes
- वैश्वीकरण को एक बहुआयामी परिघटना के रूप में समझना।
- वैश्वीकरण के विभिन्न कारणों और प्रभावों का विश्लेषण करना।
- प्रौद्योगिकी के योगदान को वैश्वीकरण के संदर्भ में पहचानना।
- विश्वव्यापी पारस्परिक जुड़ाव के घटकों को सूचीबद्ध करना।
- वैश्वीकरण के समर्थकों और आलोचकों के तर्कों को समझना।
Topics covered
Paper topics
- वैश्वीकरण की परिभाषा
- वैश्वीकरण की बहुआयामी प्रकृति
- वैश्वीकरण के कारण
- प्रौद्योगिकी का योगदान
- विश्वव्यापी पारस्परिक जुड़ाव
- वैश्वीकरण के प्रभाव
- सांस्कृतिक समरूपता
- आर्थिक असमानता
- संचार और परिवहन
- सूचना प्रसारण
- बाजार अर्थव्यवस्था
- वैश्विक समस्याएँ
Important topics
- वैश्वीकरण की बहुआयामी प्रकृति
- प्रौद्योगिकी का वैश्वीकरण में योगदान
- विश्वव्यापी पारस्परिक जुड़ाव के घटक
- वैश्वीकरण के विषम प्रभाव
- वैश्वीकरण के आलोचकों के तर्क
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
- (क) वैश्वीकरण सिर्फ आर्थिक परिघटना है।
- (ख) वैश्वीकरण की शुरुआत 1991 में हुई।
- (ग) वैश्वीकरण और पश्चिमीकरण समान है।
- (घ) वैश्वीकरण एक बहुआयामी परिघटना है।
सही कथन है (घ) वैश्वीकरण एक बहुआयामी परिघटना है। वैश्वीकरण केवल आर्थिक लेन-देन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सांस्कृतिक, राजनीतिक और सामाजिक आदान-प्रदान भी शामिल हैं। यह विभिन्न देशों और समाजों को विभिन्न स्तरों पर प्रभावित करता है, जिससे यह एक जटिल और बहुआयामी प्रक्रिया बन जाती है।
प्रश्न 2
- (क) विभिन्न देशों और समाजों पर वैश्वीकरण का प्रभाव विषम रहा है।
- (ख) सभी देशों और समाजों पर वैश्वीकरण का प्रभाव समान रहा है।
- (ग) वैश्वीकरण का असर सिर्फ राजनीतिक दायरे तक सीमित है।
- (घ) वैश्वीकरण से अनिवार्यतया सांस्कृतिक समरूपता आती है।
सही कथन है (क) विभिन्न देशों और समाजों पर वैश्वीकरण का प्रभाव विषम रहा है। वैश्वीकरण के कारण विभिन्न देशों और समाजों को अलग-अलग तरह के लाभ और हानियाँ हुई हैं। कुछ देशों ने आर्थिक विकास में तेजी देखी है, जबकि अन्य को सांस्कृतिक या सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। इसलिए, इसका प्रभाव एक समान नहीं रहा है।
प्रश्न 3
- (क) वैश्वीकरण का एक महत्त्वपूर्ण कारण प्रौद्योगिकी है।
- (ख) जनता का एकं खांस समुदाय वैश्वीकरण का कारण है।
- (ग) वैश्वीकरण का जन्म संयुक्त राज्य अमरीका में हुआ।
- (घ) वैश्वीकरण का एकमात्र कारण आर्थिक धरातल पर पारस्परिक निर्भरता है।
सही कथन है (क) वैश्वीकरण का एक महत्त्वपूर्ण कारण प्रौद्योगिकी है। प्रौद्योगिकी, विशेष रूप से संचार और परिवहन के क्षेत्र में हुई प्रगति ने दुनिया भर के लोगों, वस्तुओं और सूचनाओं के आदान-प्रदान को बहुत आसान और तेज बना दिया है, जिससे वैश्वीकरण को बढ़ावा मिला है।
प्रश्न 4
- (क) वैश्वीकरण का संबंध सिर्फ वस्तुओं की आवाजाही से है।
- (ख) वैश्वीकरण में मूल्यों का संघर्ष नहीं होता।
- (ग) वैश्वीकरण के अंग के रूप में सेवाओं का महत्त्व गौण है।
- (घ) वैश्वीकरण का संबंध विश्वव्यापी पारस्परिक जुड़ाव से है।
सही कथन है (घ) वैश्वीकरण का संबंध विश्वव्यापी पारस्परिक जुड़ाव से है। वैश्वीकरण का अर्थ है दुनिया के विभिन्न हिस्सों के बीच बढ़ते हुए संबंध और अंतर्निर्भरता, जिसमें विचारों, संस्कृति, अर्थव्यवस्था और लोगों का आदान-प्रदान शामिल है। यह केवल वस्तुओं की आवाजाही तक सीमित नहीं है और इसमें मूल्यों का संघर्ष भी शामिल हो सकता है।
प्रश्न 5
- (क) वैश्वीकरण के समर्थकों का तर्क है कि इससे आर्थिक समृद्धि बढ़ेगी।
- (ख) वैश्वीकरण के आलोचकों का तर्क है कि इससे आर्थिक असमानता और ज्यादा बढ़ेगी।
- (ग) वैश्वीकरण के पैरोकारों का तर्क है कि इससे सांस्कृतिक समरूपता आएगी।
- (घ) वैश्वीकरण के आलोचकों का तर्क है कि इससे सांस्कृतिक समरूपता आएगी।
ग़लत कथन है (घ) वैश्वीकरण के आलोचकों का तर्क है कि इससे सांस्कृतिक समरूपता आएगी। वास्तव में, वैश्वीकरण के आलोचक यह तर्क देते हैं कि यह सांस्कृतिक विविधता को कम कर सकता है और पश्चिमी संस्कृति के प्रभुत्व के कारण सांस्कृतिक समरूपता ला सकता है। समर्थकों का तर्क है कि इससे आर्थिक समृद्धि बढ़ेगी, जबकि आलोचक आर्थिक असमानता बढ़ने की चिंता व्यक्त करते हैं।
प्रश्न 6
विश्वव्यापी 'पारस्परिक जुड़ाव' वैश्वीकरण का मूल आधार है। इसका अर्थ है कि दुनिया भर के लोग, समाज और राष्ट्र एक-दूसरे से जुड़ गए हैं, एक-दूसरे पर निर्भर हैं और आपस में घनिष्ठ रूप से संबंधित हैं। यह जुड़ाव इस भावना को बढ़ावा देता है कि सभी मनुष्य एक ही वैश्विक परिवार के सदस्य हैं और उन्हें सहयोग से रहना चाहिए।
विश्वव्यापी पारस्परिक जुड़ाव के प्रमुख घटक निम्नलिखित हैं:
- संचार तथा परिवहन के तीव्र साधन: आधुनिक संचार (जैसे इंटरनेट, मोबाइल फोन) और परिवहन (जैसे तेज हवाई जहाज, जहाज) ने व्यक्तियों, वस्तुओं, सेवाओं और पूंजी के प्रवाह को बहुत तेज कर दिया है, जिससे वैश्विक जुड़ाव संभव हुआ है।
- सूचना प्रसारण के साधन: टेलीविजन, इंटरनेट और कंप्यूटर जैसे माध्यमों से लोग दुनिया भर की घटनाओं से तुरंत अवगत हो जाते हैं, जिससे वे जुड़ा हुआ महसूस करते हैं।
- बाजार-आधारित अर्थव्यवस्था: अधिकांश देशों द्वारा अपनाई गई बाजार अर्थव्यवस्था ने वैश्विक व्यापार और निवेश को बढ़ावा दिया है, जिससे देशों के बीच आर्थिक निर्भरता बढ़ी है।
- वैश्विक समस्याएँ: आतंकवाद, एड्स जैसी बीमारियाँ, या जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाएँ जैसी समस्याएँ किसी एक देश की सीमा तक सीमित नहीं रहतीं। इनके समाधान के लिए देशों को मिलकर काम करना पड़ता है, जिससे पारस्परिक जुड़ाव बढ़ता है।
प्रश्न 7
वैश्वीकरण की अवधारणा और विकास में प्रौद्योगिकी का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसने दुनिया को एक वैश्विक गाँव में बदलने में केंद्रीय भूमिका निभाई है। प्रौद्योगिकी के योगदान को निम्नलिखित बिंदुओं से समझा जा सकता है:
- प्रवाह में वृद्धि: प्रौद्योगिकी की प्रगति ने लोगों, वस्तुओं, पूंजी और विचारों के वैश्विक प्रवाह को अभूतपूर्व रूप से बढ़ाया है। इनकी गतिशीलता बहुत तेज हो गई है, जिससे दुनिया के विभिन्न हिस्सों के बीच संपर्क आसान हो गया है।
- तत्काल सूचना और जुड़ाव: प्रौद्योगिकी के कारण, आज दुनिया के किसी भी कोने में बैठा व्यक्ति तुरंत ही दूर घटित होने वाली घटनाओं से अवगत हो सकता है। इससे लोगों को लगता है कि वे एक-दूसरे के करीब हैं और वैश्विक घटनाओं से सीधे जुड़े हुए हैं। इसने भौगोलिक दूरियों को कम कर दिया है और लोगों को एक वैश्विक समुदाय का हिस्सा होने का एहसास कराया है।
Common mistakes
- वैश्वीकरण को केवल आर्थिक घटना मानना।
- वैश्वीकरण के प्रभावों को सभी समाजों के लिए समान समझना।
- सांस्कृतिक समरूपता को वैश्वीकरण का अनिवार्य परिणाम मानना।
- प्रौद्योगिकी की भूमिका को कम आंकना।
Revision tips
- प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को ध्यान से पढ़ें और मुख्य बिंदुओं को नोट करें।
- वैश्वीकरण के बहुआयामी स्वरूप को समझने पर ध्यान केंद्रित करें।
- प्रौद्योगिकी और विश्वव्यापी जुड़ाव के बीच संबंध को स्पष्ट करें।
- समर्थकों और आलोचकों के तर्कों की तुलना करें।
Practice MCQs
Q1. वैश्वीकरण के बारे में कौन-सा कथन सबसे उपयुक्त है?
Explanation: वैश्वीकरण केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, राजनीतिक और सामाजिक आयामों वाली एक जटिल और बहुआयामी परिघटना है।
Q2. वैश्वीकरण के प्रभावों के संबंध में कौन-सा कथन सत्य है?
Explanation: वैश्वीकरण का प्रभाव हर देश और समाज पर अलग-अलग होता है, जो उनकी सामाजिक-आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करता है।
Q3. निम्नलिखित में से कौन वैश्वीकरण का एक महत्वपूर्ण कारण है?
Explanation: प्रौद्योगिकी, विशेष रूप से संचार और परिवहन में प्रगति, ने विश्वव्यापी जुड़ाव को संभव बनाया है और वैश्वीकरण को गति दी है।
Q4. वैश्वीकरण का संबंध किससे है?
Explanation: वैश्वीकरण का मूल अर्थ विश्व के विभिन्न हिस्सों के बीच बढ़ते हुए पारस्परिक जुड़ाव और अंतर्निर्भरता से है।
Q5. वैश्वीकरण के आलोचकों का एक तर्क क्या है?
Explanation: वैश्वीकरण के आलोचक अक्सर यह तर्क देते हैं कि यह आर्थिक असमानता को बढ़ा सकता है और कुछ समूहों को दूसरों की तुलना में अधिक लाभ पहुंचा सकता है।
Frequently asked questions
वैश्वीकरण क्या है?
वैश्वीकरण एक बहुआयामी परिघटना है जिसका अर्थ है विश्व के विभिन्न हिस्सों के बीच बढ़ते हुए पारस्परिक जुड़ाव, अंतर्निर्भरता और एकीकरण। यह केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, राजनीतिक और सामाजिक पहलुओं को भी समाहित करता है।
वैश्वीकरण के मुख्य कारण क्या हैं?
वैश्वीकरण के प्रमुख कारणों में प्रौद्योगिकी (संचार और परिवहन), सूचना प्रसारण के साधनों का विकास, बाजार-आधारित अर्थव्यवस्थाओं का प्रसार और वैश्विक समस्याओं का उदय शामिल हैं।
क्या वैश्वीकरण का प्रभाव सभी देशों पर समान होता है?
नहीं, वैश्वीकरण का प्रभाव विभिन्न देशों और समाजों पर विषम रहा है। कुछ को अधिक लाभ हुआ है, जबकि अन्य को चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।
प्रौद्योगिकी वैश्वीकरण में कैसे योगदान करती है?
प्रौद्योगिकी ने लोगों, वस्तुओं, सेवाओं और विचारों के प्रवाह को तेज करके और दुनिया भर में लोगों को तुरंत सूचना प्रदान करके वैश्वीकरण को संभव बनाया है।
वैश्वीकरण के आलोचक क्या तर्क देते हैं?
वैश्वीकरण के आलोचक अक्सर तर्क देते हैं कि यह आर्थिक असमानता को बढ़ा सकता है और सांस्कृतिक समरूपता को बढ़ावा दे सकता है, जिससे स्थानीय संस्कृतियाँ खतरे में पड़ सकती हैं।
विश्वव्यापी पारस्परिक जुड़ाव के प्रमुख घटक कौन से हैं?
इसके प्रमुख घटकों में तीव्र संचार और परिवहन, सूचना प्रसारण के साधन (जैसे इंटरनेट), बाजार-आधारित अर्थव्यवस्थाएं, और आतंकवाद या एड्स जैसी वैश्विक समस्याएँ शामिल हैं जिनके लिए सामूहिक समाधान की आवश्यकता होती है।
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